पंजाब सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला लेते हुए नंगल, तलवाड़ा और आसपास के इलाकों में रहने वाले हजारों परिवारों को बड़ी राहत देने का ऐलान किया है। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने घोषणा की कि इन क्षेत्रों की अतिरिक्त (सरप्लस) जमीन का मालिकाना हक अब वहां रहने वाले लोगों को दिया जाएगा। यह फैसला उन परिवारों के लिए राहत लेकर आया है, जो कई वर्षों से अपनी जमीन को लेकर असमंजस और डर में जी रहे थे।
800 एकड़ से ज्यादा जमीन पर शुरू हुई प्रक्रिया
सरकार ने इस दिशा में तेजी से कदम बढ़ाते हुए 800 एकड़ से अधिक जमीन के मामले में औपचारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है। जल संसाधन विभाग ने भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (BBMB) को नोटिस भेजकर साफ कर दिया है कि यह जमीन पंजाब सरकार की है, न कि बीबीएमबी की। इससे अब जमीन के मालिकाना हक का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है।
बुजुर्गों की कुर्बानी का सम्मान
हरजोत सिंह बैंस ने भावुक अंदाज में कहा कि इन इलाकों के लोगों ने देश के विकास के लिए अपनी जमीनें दी थीं। उन्होंने भाखड़ा परियोजना के निर्माण में भी अपना योगदान दिया। लेकिन दुख की बात यह रही कि पिछले 50 वर्षों में उन्हीं लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। अब सरकार उनके साथ न्याय करने जा रही है।
चार महीने पहले किया वादा, अब पूरा
मंत्री बैंस ने बताया कि चार महीने पहले उन्होंने नंगल के प्रभावित परिवारों से मुलाकात की थी और स्थायी समाधान का वादा किया था। अब वह वादा पूरा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार लोगों के भरोसे को टूटने नहीं देगी और हर हाल में उनका हक दिलाएगी।
कानूनी स्थिति भी हुई स्पष्ट
सरकार ने यह भी साफ कर दिया है कि बीबीएमबी के पास इन जमीनों पर लीज नीति बनाने का कोई अधिकार नहीं है। चूंकि बांध परियोजनाएं अब पूरी हो चुकी हैं, इसलिए अतिरिक्त जमीनें राज्य के लोगों को वापस मिलनी चाहिए। यह फैसला कानूनी रूप से भी मजबूत बताया जा रहा है।
नई नीति से मिलेगा स्थायी अधिकार
पंजाब सरकार अब एक व्यापक नीति तैयार कर रही है, जिसके तहत मौजूदा कब्जाधारकों को मालिकाना हक दिया जाएगा। पात्र लोगों को सिर्फ निर्धारित स्टांप ड्यूटी और शुल्क जमा करना होगा। इसके बाद उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। इससे लोगों को स्थायी सुरक्षा और अधिकार मिलेंगे।
इलाके में होगा और विकास
इस फैसले के साथ ही नंगल में एक नए न्यायिक कॉम्प्लेक्स की भी योजना बनाई गई है, जिससे इलाके के विकास को और गति मिलेगी। यह कदम न सिर्फ जमीन विवाद खत्म करेगा, बल्कि क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक विकास को भी बढ़ावा देगा।
ऐतिहासिक गलती का सुधार
अंत में मंत्री बैंस ने कहा कि यह सिर्फ एक सरकारी निर्णय नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक गलती का सुधार है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार उन परिवारों के साथ खड़ी है, जिन्होंने देश के लिए अपनी जमीनें कुर्बान की थीं। अब उन्हें उनका हक लौटाया जा रहा है, जो लंबे समय से लंबित था।
