दिल्ली में एक बार फिर स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकियों ने अभिभावकों और प्रशासन की नींद उड़ा दी है। 18 जुलाई (गुरुवार) को राजधानी के तीन अलग-अलग स्कूलों को ईमेल के जरिए धमकी भरे संदेश भेजे गए, जिसमें स्कूल परिसर में बम होने की बात कही गई। इन मेल्स के बाद प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया और स्कूलों में तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया।
किन स्कूलों को मिली धमकी?
सबसे पहले रोहिणी सेक्टर 3 स्थित अभिनव पब्लिक स्कूल को बम की धमकी मिली। इसके तुरंत बाद पश्चिम विहार के रिचमोंड ग्लोबल स्कूल और फिर रोहिणी सेक्टर 24 के सोवरन स्कूल को भी इसी तरह का मेल प्राप्त हुआ।
मेल मिलते ही दिल्ली पुलिस, बम स्क्वॉड, और दमकल विभाग की टीमें संबंधित स्कूलों में पहुंचीं और पूरे परिसर को खाली कराकर गहन तलाशी शुरू कर दी। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक किसी भी स्कूल से कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई थी, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है।
लगातार तीसरे दिन बम की धमकी
गौरतलब है कि यह घटनाएं लगातार तीसरे दिन सामने आई हैं। इससे पहले बुधवार को दक्षिणी दिल्ली के वसंत वैली स्कूल और द्वारका के सेंट थॉमस स्कूल को भी इसी तरह धमकी भरे ईमेल मिले थे।
इन घटनाओं को मिलाकर तीन दिनों में कुल नौ स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिल चुकी है। कई मेल्स में एक जैसी भाषा और पैटर्न देखा गया है, जिससे पुलिस को संदेह है कि इन सबके पीछे एक ही गिरोह या व्यक्ति हो सकता है।
तकनीकी चुनौती: VPN और डार्क वेब की दीवार
दिल्ली पुलिस की साइबर सेल और सुरक्षा एजेंसियां इन धमकियों की तह तक पहुंचने की कोशिश में लगी हैं, लेकिन सबसे बड़ी चुनौती है – ईमेल भेजने का तरीका। वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि ये मेल एन्क्रिप्टेड नेटवर्क के जरिए भेजे जा रहे हैं, जिनमें VPN (Virtual Private Network) और डार्क वेब का इस्तेमाल हो रहा है।
डार्क वेब वो इंटरनेट का हिस्सा होता है, जो आम सर्च इंजन जैसे गूगल या बिंग से एक्सेस नहीं किया जा सकता। वहीं, वीपीएन की मदद से ईमेल भेजने वाले अपनी लोकेशन और पहचान को छिपा लेते हैं।
एक अधिकारी ने इसे समझाते हुए कहा, “डार्क वेब पर किसी को ढूंढ़ना उस अंधेरे कमरे में परछाईं पकड़ने जैसा है, जहां हर सुराग अगली परत में गुम हो जाता है।”
पहले भी मिल चुकी हैं ऐसी धमकियां
इससे पहले इसी साल 7 फरवरी को मयूर विहार फेस-1 स्थित अल्कॉन पब्लिक स्कूल को भी बम से उड़ाने की धमकी मिली थी। तब भी बम स्क्वॉड ने तलाशी के बाद उस मेल को महज अफवाह करार दिया था।
चिंता का माहौल, अभिभावक दहशत में
लगातार मिल रही धमकियों से स्कूलों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों में गहरी चिंता है। कई जगह बच्चों को स्कूल से समय से पहले घर भेज दिया गया। स्कूल प्रबंधन लगातार पुलिस के संपर्क में है और सुरक्षा के इंतजामों को और मजबूत किया जा रहा है।भले ही अब तक इन धमकियों के पीछे कोई वास्तविक खतरा नहीं पाया गया हो, लेकिन यह घटनाएं कानून व्यवस्था और साइबर सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल जरूर खड़े करती हैं। पुलिस की टीमें जांच में जुटी हैं और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इन ईमेल्स के पीछे का सच सामने आएगा।
