मुंबई: मुंबई के जुहू इलाके में बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में जांच के दौरान एक बड़ा खुलासा हुआ है। मुंबई क्राइम ब्रांच की जांच में सामने आया है कि वारदात को अंजाम देने के बाद शूटर्स ने सूरत के रास्ते दिल्ली पहुंचकर नेपाल भागने की योजना बनाई थी। हालांकि, दिल्ली जाने वाली बस छूटने के कारण उन्हें अपना प्लान बदलना पड़ा।
बस छूटी तो अपनाया दूसरा रास्ता
जांच के मुताबिक, शूटर्स का शुरुआती प्लान सूरत से बस के जरिए दिल्ली पहुंचने और फिर सीमा पार कर नेपाल जाने का था। लेकिन जब वे बस स्टैंड पहुंचे, तब तक दिल्ली जाने वाली बस निकल चुकी थी। इसके बाद कथित मास्टरमाइंड अनिल पंडित ने दूसरा प्लान तैयार किया।
बताया जा रहा है कि अनिल पंडित के निर्देश पर आरोपी अंकित खटक ने VoIP कॉल के जरिए शूटर्स को आगे की रणनीति बताई। इसके बाद शूटर्स ने ट्रेन से सफर करने का फैसला किया।
पुलिस चेकिंग के डर से छिपाए हथियार
जांच के अनुसार, ट्रेन में सवार होने से पहले शूटर्स ने फायरिंग में इस्तेमाल किए गए दो हथियार और गोलियां सूरत बस स्टैंड के पास एक खुली जगह में छिपा दी थीं। उन्हें आशंका थी कि ट्रेन में सफर के दौरान पुलिस की जांच में हथियार पकड़े जा सकते हैं।
दूसरे प्लान के तहत उन्हें जयपुर के मुख्य रेलवे स्टेशन से पहले ही ट्रेन से उतरने का निर्देश दिया गया था। इसके बाद सड़क मार्ग से बस या टैक्सी के जरिए दिल्ली पहुंचकर नेपाल भागने की योजना थी।
CCTV फुटेज से खुला भागने का रास्ता
मुंबई क्राइम ब्रांच ने सूरत बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी। मुंबई पुलिस से मिले इनपुट के आधार पर राजस्थान पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीनों शूटर्स को जयपुर पहुंचने से पहले कोटा रेलवे स्टेशन के बाहरी इलाके के पास से गिरफ्तार कर लिया।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, गिरफ्तारी के समय आरोपियों के पास से 5,000 रुपये मिले। बताया जा रहा है कि इस रकम का इस्तेमाल दिल्ली तक पहुंचने और फिर नेपाल भागने के लिए किया जाना था।
