मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने राज्य की सरकारी बस सेवाओं को नई दिशा देने की तैयारी कर ली है। हाल के वर्षों में किए गए बड़े फैसलों के तहत सरकार ने बस बेड़े के व्यापक विस्तार का निर्णय लिया है। यह पहल सिर्फ बसों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सस्ता, सुरक्षित और भरोसेमंद परिवहन उपलब्ध कराना है।
सरकारी बेड़े में 1,279 नई बसें शामिल होंगी
पंजाब सरकार ने कुल 1,279 नई बसें शामिल करने का फैसला किया है। फिलहाल राज्य में 2,267 सरकारी बसें चल रही हैं, जिनमें से 1,119 बसें पनबस के अधीन हैं। नई योजना के तहत बसों को सीधे खरीदने और लीज (किलोमीटर स्कीम) — दोनों तरीकों से शामिल किया जाएगा, ताकि वित्तीय संतुलन बनाए रखते हुए जरूरत के मुताबिक सेवाओं का विस्तार हो सके।
इनमें से 796 बसें सीधे खरीदी जाएंगी, जबकि 483 बसें किलोमीटर स्कीम के तहत जोड़ी जाएंगी।
पनबस और पीआरटीसी को कैसे मिलेगा लाभ
इस विस्तार योजना में 696 साधारण बसें और 100 मिडी बसें खरीदी जाएंगी। पनबस को 387 साधारण बसें दी जाएंगी, जबकि पीआरटीसी को 309 साधारण बसें मिलेंगी। इसके अलावा पीआरटीसी के बेड़े में 100 मिडी बसें शामिल की जाएंगी।
मिडी बसें खासतौर पर तंग शहरी सड़कों और ग्रामीण इलाकों के लिए उपयोगी होंगी, जहां बड़ी बसें नहीं चल पातीं। इससे छोटे कस्बों और गांवों में लंबे समय से चली आ रही परिवहन समस्या का समाधान होगा।
यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा पर खास जोर
नई खरीदी जाने वाली सभी साधारण बसें आधुनिक AIS-153 मानकों के अनुसार होंगी। इन बसों में दिव्यांग यात्रियों के लिए आसान चढ़ाई, व्हीलचेयर सुविधा, कम शोर और बेहतर सस्पेंशन जैसी सुविधाएं होंगी।
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बसों में फायर डिटेक्शन सिस्टम, आपातकालीन संकेत, जीपीएस, सीसीटीवी कैमरे, एलईडी लाइट और नाइट लैंप लगाए जाएंगे। खासकर रात में यात्रा करने वाली महिलाओं के लिए यह एक मजबूत सुरक्षा व्यवस्था साबित होगी।
पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी
पंजाब सरकार ने पर्यावरण संरक्षण को भी इस योजना का अहम हिस्सा बनाया है। किलोमीटर स्कीम के तहत पनबस में 100 एचवीएसी बसें और 100 साधारण बसें शामिल की जाएंगी। ये बसें भारत स्टेज-6 मानकों के अनुरूप होंगी, जिससे प्रदूषण कम होगा और सार्वजनिक स्वास्थ्य को लाभ मिलेगा।
इसके अलावा पीआरटीसी भी इस स्कीम के तहत 254 साधारण बसें और 14 इंटीग्रल कोच बसें शामिल करेगा।
मार्च से शुरू होगा चरणबद्ध संचालन
इस पूरी योजना को मार्च महीने से चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा। इससे मौजूदा बस सेवाएं प्रभावित नहीं होंगी और धीरे-धीरे पूरे राज्य में बेहतर रूट कवरेज और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध होंगी। कुल मिलाकर पीआरटीसी में 670 और पनबस में 602 नई बसें जुड़ेंगी।
जनता का भरोसा लौटाने की कोशिश
यह विस्तार साफ तौर पर दिखाता है कि भगवंत मान सरकार सार्वजनिक परिवहन को मुनाफे से ज्यादा जनहित की सेवा मानती है। सस्ती और भरोसेमंद बस सेवाएं शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार तक आसान पहुंच सुनिश्चित करती हैं।
1,279 आधुनिक, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल बसों के साथ पंजाब सरकार सरकारी परिवहन को फिर से मजबूत बना रही है। इससे निजी बसों पर निर्भरता कम होगी और लोगों का भरोसा दोबारा सरकारी बस सेवाओं पर लौटेगा।
