सप्ताह के दूसरे कारोबारी दिन शेयर बाजार लाल निशान में खुला। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं। सबसे ज्यादा दबाव एग्रीकल्चर सेक्टर से जुड़ी कंपनियों पर देखने को मिला, जहां कई शेयर अचानक धड़ाम हो गए। इसकी बड़ी वजह बनी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नई चेतावनी, जिसमें उन्होंने चावल पर टैरिफ लगाने का संकेत दिया।
ट्रंप की चेतावनी से चावल निर्यातकों में हड़कंप
मंगलवार सुबह बाजार खुलते ही चावल एवं एग्री प्रोडक्ट निर्यात करने वाली कंपनियों के शेयर तेजी से गिरने लगे। एलटी फूड्स, जीआरएम ओवरसीज, कावेरी सीड्स, एसडब्ल्यूएएल एग्री और केआरबीएल लिमिटेड जैसी बड़ी कंपनियों के स्टॉक 2% से 8% तक नीचे आ गए। ट्रंप ने व्हाइट हाउस में एक कार्यक्रम के दौरान चावल आयात पर नए टैरिफ लगाने की बात कही, जिसके बाद भारतीय निर्यातक कंपनियों पर बाजार का भरोसा कमजोर पड़ गया।
चावल की डंपिंग पर अमेरिका नाराज़
ट्रंप ने भारत, वियतनाम और थाईलैंड पर चावल को बेहद कम कीमत पर अमेरिका में बेचने यानी “डंपिंग” करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि यह अमेरिकी उत्पादकों के लिए नुकसानदायक है और इसे रोका जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेन्ट से यह भी पूछा कि क्या भारत को चावल निर्यात के मामले में किसी प्रकार की छूट मिली हुई है?
डंपिंग वह स्थिति होती है, जब कोई देश दूसरे देश में अपनी वस्तुएँ इतनी कम कीमत पर बेचता है कि स्थानीय कंपनियाँ प्रतिस्पर्धा ही नहीं कर पातीं। इसी वजह से अमेरिका अब चावल पर अतिरिक्त शुल्क लगाने पर विचार कर रहा है।
भारत पर सबसे बड़ा असर क्यों?
भारत दुनिया का सबसे बड़ा चावल उत्पादक और निर्यातक देश है। वित्त वर्ष 2024–25 में वैश्विक चावल उत्पादन में भारत की हिस्सेदारी लगभग 28% रही, जबकि वैश्विक निर्यात में 30% से भी ज्यादा है। ऐसे में यदि अमेरिका टैरिफ लगाने का फैसला लागू करता है, तो भारतीय निर्यातकों पर बड़ा प्रभाव पड़ सकता है।
कौन-से शेयर कितने गिरे?
ट्रंप की चेतावनी के बाद शेयरों में गिरावट इस प्रकार देखने को मिली:
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LT Foods लगभग 8% गिरकर 362 रुपये पर पहुंचा
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GRM Overseas 5.39% टूटकर 439.20 रुपये पर
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KRBL Limited 2.75% फिसलकर 370.05 रुपये पर
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SWAL Agri Business 2.37% गिरकर 245.05 रुपये पर
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Kaveri Seeds 2.07% नीचे आकर 929.25 रुपये पर ट्रेड करता दिखा
निवेशकों की नजर आगे की नीतियों पर
फिलहाल निवेशक यह जानने की कोशिश में हैं कि क्या अमेरिका चावल पर टैरिफ को आधिकारिक रूप से लागू करता है या नहीं। यदि ऐसा होता है तो आने वाले दिनों में एग्री-एक्सपोर्ट सेक्टर में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
