उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले के हैदरगढ़ क्षेत्र में स्थित पौराणिक अवसानेश्वर महादेव मंदिर में सावन के तीसरे सोमवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। सुबह करीब 2 बजे, जब श्रद्धालु भगवान शिव को जल चढ़ाने के लिए एकत्रित थे, तभी एक बिजली का तार टूटकर मंदिर परिसर के टीन शेड पर गिर गया, जिससे पूरे परिसर में करंट फैल गया।
बताया जा रहा है कि यह हादसा एक बंदर के तार पर कूदने की वजह से हुआ। जैसे ही करंट फैला, अफरा-तफरी मच गई और भगदड़ की स्थिति बन गई।
दो लोगों की मौत, कई घायल
इस हादसे में दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई। मृतकों में 22 वर्षीय प्रशांत, जो लोनीकटरा थाना क्षेत्र के मुबारकपुरा गांव का रहने वाला था, शामिल है। दोनों की मौत त्रिवेदीगंज सीएचसी में इलाज के दौरान हुई।
वहीं, करीब 29 से 38 लोग घायल हुए हैं, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। घायलों में से कई की हालत गंभीर है।
- 10 घायलों को त्रिवेदीगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती किया गया, जिनमें से 5 को जिला अस्पताल रेफर किया गया।
- 26 घायलों का इलाज हैदरगढ़ सीएचसी में चल रहा है, जिनमें से एक की हालत गंभीर है और उसे भी रेफर किया गया है।
प्रशासन ने संभाला मोर्चा
जैसे ही घटना की जानकारी मिली, जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी और पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय मौके पर पहुंचे। पुलिस बल तैनात कर दिया गया और घायलों को तुरंत एंबुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया। प्रशासन ने हालात को संभालते हुए भीड़ को नियंत्रित किया।
डीएम ने बताया कि हादसे की जांच शुरू कर दी गई है और बिजली विभाग को पुराने तारों की स्थिति की जांच के निर्देश दिए गए हैं ताकि भविष्य में ऐसा कोई हादसा दोबारा न हो।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जताया दुख
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि
- राहत और बचाव कार्य में तेजी लाई जाए,
- घायलों को समय पर इलाज मिले,
- और पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता दी जाए।
मुख्यमंत्री ने इस हादसे को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया और कहा कि प्रशासन को पूरी संवेदनशीलता और तत्परता से कार्रवाई करनी चाहिए।
यह घटना सावन के पवित्र महीने में हुई, जब हजारों लोग श्रद्धा भाव से भोलेनाथ को जल अर्पित करने आते हैं। ऐसे में यह हादसा व्यवस्था की गंभीर चूक को उजागर करता है और यह जरूरी हो जाता है कि भविष्य में भीड़-भाड़ वाले धार्मिक स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाए।
श्रद्धांजलि उन श्रद्धालुओं को, जिन्होंने इस हादसे में अपनी जान गंवाई, और प्रार्थना घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की।
