होशियारपुर, 22 अगस्त की रात – पंजाब के होशियारपुर जिले में एक बड़ा हादसा हो गया। रात करीब 10 बजे, जालंधर मार्ग पर स्थित गांव मंडियाला के पास एक एलपीजी गैस टैंकर अचानक फट गया। धमाका इतना जबरदस्त था कि दूर-दराज़ तक उसकी आवाज़ सुनाई दी और आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 20 लोग गंभीर रूप से झुलस गए। घायलों को तुरंत सिविल अस्पताल, होशियारपुर ले जाया गया। गंभीर स्थिति वाले मरीजों को उच्च स्तरीय अस्पतालों में रेफर किया गया है।
फायर ब्रिगेड और एसडीआरएफ की टीम मौके पर
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासन तुरंत हरकत में आ गया। सबसे पहले होशियारपुर फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुँची। लेकिन गैस टैंकर में लगी आग को काबू करने के लिए दसूहा, फगवाड़ा और जालंधर से भी अतिरिक्त फायर टेंडर बुलाए गए। आग और गैस रिसाव को रोकने में घंटों की मशक्कत करनी पड़ी। इस बीच एसडीआरएफ की टीम को भी तैनात किया गया, जिसने आसपास के क्षेत्र को घेर लिया और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया।
सड़क मार्ग बंद, सुरक्षा कड़ी
हादसे के बाद प्रशासन ने तुरंत इस मार्ग को बंद कर दिया ताकि किसी और तरह की दुर्घटना न हो। गैस रिसाव के खतरे को देखते हुए आसपास के गाँवों के लोगों को भी सतर्क कर दिया गया। नसराला डिपो के अधिकारियों को गैस के निशानों और रिसाव की तकनीकी जांच के निर्देश दिए गए।
मंत्री, विधायक और डिप्टी कमिश्नर घटनास्थल पर
जैसे ही यह दुखद घटना सामने आई, राज्य सरकार के प्रतिनिधि भी मौके पर पहुँचे। कैबिनेट मंत्री डॉ. रवजोत सिंह, विधायक ब्रम शंकर जिम्पा और डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन घटनास्थल पर पहुँचे और स्थिति का जायज़ा लिया। इसके बाद सभी घायलों से सिविल अस्पताल में मुलाकात की।
डिप्टी कमिश्नर ने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए कि किसी भी मरीज के इलाज में लापरवाही न हो और ज़रूरत पड़ने पर अतिरिक्त डॉक्टर व नर्सें तुरंत ड्यूटी पर लगाई जाएँ।
इलाज और सहायता की व्यवस्था
सिविल अस्पताल के डॉक्टरों ने राहत और बचाव कार्य में पूरी तत्परता दिखाई। गंभीर घायलों को चंडीगढ़ और जालंधर जैसे बड़े अस्पतालों में रेफर कर दिया गया है। सिविल सर्जन और वरिष्ठ चिकित्सक खुद इलाज की निगरानी कर रहे हैं।
डिप्टी कमिश्नर आशिका जैन ने भरोसा दिलाया कि घायलों और मृतकों के परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार ऐसे कठिन समय में पीड़ितों के साथ खड़ी है।
स्थानीय लोगों का सहयोग
हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के गाँवों से लोग भी मदद के लिए दौड़ पड़े। स्थानीय युवाओं ने फायर ब्रिगेड और पुलिस के साथ मिलकर घायलों को अस्पताल पहुँचाने में बड़ी भूमिका निभाई। कई लोगों ने रक्तदान की भी पेशकश की।
नेताओं का आश्वासन
कैबिनेट मंत्री डॉ. रवजोत सिंह ने कहा कि यह हादसा बेहद दुखद है और सरकार पीड़ितों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। विधायक ब्रम शंकर जिम्पा ने भी भरोसा दिलाया कि किसी भी घायल के इलाज में कमी नहीं आने दी जाएगी।
क्षेत्र में मातम का माहौल
इस दर्दनाक घटना ने पूरे इलाके को हिला दिया है। लोग अब भी दहशत और सदमे में हैं। हालांकि प्रशासन और सरकार की तेज़ कार्रवाई से राहत कार्य तेज़ी से आगे बढ़े और कई ज़िंदगियाँ समय पर बचाई जा सकीं।
