भारतीय मौसम विभाग ने जम्मू-कश्मीर में 5 से 7 अक्टूबर तक खराब मौसम की चेतावनी जारी की है। इसके चलते श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने एहतियातन कदम उठाते हुए तीन दिनों तक यात्रा रोकने का निर्णय लिया है। यात्रा अब 8 अक्टूबर 2025 से दोबारा शुरू होगी। बोर्ड ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे आधिकारिक वेबसाइट और सोशल मीडिया हैंडल पर नियमित अपडेट लेते रहें और बिना अनुमति यात्रा पर न निकलें।
जम्मू में भारी बारिश और तेज़ हवाओं की चेतावनी
मौसम विभाग के अनुसार, जम्मू क्षेत्र के कई इलाकों में भारी बारिश, आंधी-तूफान, बिजली गिरना और ओलावृष्टि की संभावना है। इसके साथ ही 60–70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएँ चल सकती हैं। इस वजह से भूस्खलन और मिट्टी खिसकने की घटनाएँ हो सकती हैं, जिससे जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग और श्रीनगर-लेह मार्ग पर यातायात प्रभावित हो सकता है।
श्राइन बोर्ड ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में खराब मौसम और भूस्खलन के कारण यात्रा को कई बार रोकना पड़ा है। अगस्त के अंत में हुए एक हादसे में कई लोगों की जान भी चली गई थी। इसी अनुभव को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने यह फैसला लिया है।
त्रिकुटा पर्वत और मौसम की चुनौतियाँ
जहाँ पवित्र धाम स्थित है, वह त्रिकुटा पर्वत मानसून के आख़िरी दौर और शुरुआती सर्दियों के समय सबसे ज्यादा प्रभावित होता है। इस दौरान तेज़ हवाएँ, भारी बारिश और भूस्खलन का खतरा अधिक रहता है। बोर्ड का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है, इसलिए यह कदम ज़रूरी है।
प्रशासन ने लोगों को सलाह दी है कि जब तक यात्रा दोबारा शुरू न हो, वे कटरा बेस कैंप तक भी जाने से बचें।
कश्मीर में मौसम की पहली बर्फबारी
उधर, कश्मीर घाटी में इस सीज़न की पहली बर्फबारी हो चुकी है। उत्तरी कश्मीर के बारामूला ज़िले में स्थित प्रसिद्ध स्की रिज़ॉर्ट गुलमर्ग के अफ़रवत शिखर पर और दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग ज़िले के सिंथन टॉप पर बर्फ गिरनी शुरू हो गई है। श्रीनगर और आसपास के मैदानी इलाकों में भी हल्की बारिश देखने को मिली।
अधिकारियों का कहना है कि यह बर्फबारी आने वाली ठंड और शुरुआती सर्दियों का संकेत है। आने वाले दिनों में ऊँचाई वाले इलाकों में और भी बर्फ गिरने की संभावना है।
पश्चिमी विक्षोभ का असर
मौसम विभाग के अनुसार, एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) रविवार से जम्मू-कश्मीर और आसपास के क्षेत्रों को प्रभावित करेगा। इसकी वजह से 5 से 7 अक्टूबर के बीच ऊँचाई वाले इलाकों में हल्की से मध्यम बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। विभाग ने बताया कि इसका असर विशेष रूप से 5 अक्टूबर की रात से 7 अक्टूबर की सुबह तक सबसे ज्यादा दिखेगा।
श्रद्धालुओं के लिए सलाह
- जब तक आधिकारिक अनुमति न मिले, यात्रा की योजना स्थगित करें।
- मौसम संबंधी अपडेट और श्राइन बोर्ड की जानकारी पर नजर रखें।
- बारिश और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए यात्रा के लिए सुरक्षित समय का इंतजार करें।
- स्थानीय प्रशासन की गाइडलाइन का पालन करें ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके।
खराब मौसम की चेतावनी को देखते हुए माता वैष्णो देवी यात्रा को रोकने का फैसला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए लिया गया है। कश्मीर में पहली बर्फबारी ने जहाँ लोगों को सर्दी का एहसास दिलाया है, वहीं जम्मू और आसपास के इलाकों में भारी बारिश की संभावना ने प्रशासन को सतर्क कर दिया है। 8 अक्टूबर से यात्रा दोबारा शुरू होगी और तब तक भक्तों को इंतजार करना होगा।
