केंद्र सरकार की वैष्णव भारत गारंटी फॉर एम्प्लॉयमेंट एंड लाइवलीहुड मिशन ग्रामीण (VB-G राम जी) योजना को लेकर पंजाब सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने इस योजना की तीखी आलोचना करते हुए इसे एक और “काला कानून” करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह योजना लाखों MGNREGA मजदूरों की रोज़ी-रोटी पर सीधा हमला है और इससे राज्यों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है।
मंगलवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री सौंद ने कहा कि केंद्र सरकार की यह नई स्कीम गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे परिवारों, अनुसूचित जाति समुदायों और ग्रामीण मजदूरों के हितों के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि आज भी ग्रामीण इलाकों में बड़ी आबादी अपनी आजीविका के लिए पूरी तरह MGNREGA पर निर्भर है, लेकिन केंद्र सरकार इस योजना को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।
काम के दिनों पर सवाल
कैबिनेट मंत्री ने केंद्र सरकार के दावों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि केंद्र यह प्रचार कर रहा है कि VB-G राम जी योजना के तहत MGNREGA के मौजूदा 100 दिनों के मुकाबले 125 दिनों का रोजगार दिया जाएगा, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए सौंद ने कहा कि पिछले साल BJP सरकार औसतन केवल 45 दिन का काम ही मजदूरों को दे पाई थी। ऐसे में 125 दिन के रोजगार का दावा खोखला और भ्रामक है।
राज्यों पर डाला जा रहा वित्तीय बोझ
सौंद ने आरोप लगाया कि इस नई योजना के जरिए केंद्र सरकार अपनी जिम्मेदारी राज्यों पर डाल रही है। इससे न सिर्फ राज्यों के वित्तीय संसाधनों पर दबाव पड़ेगा, बल्कि मजदूरों को मिलने वाले अधिकार भी कमजोर होंगे। उन्होंने कहा कि यह नीति गरीब विरोधी और मजदूर विरोधी है।
विधानसभा में होगा विरोध
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि आम आदमी पार्टी की पंजाब सरकार इस फैसले का जोरदार विरोध करेगी। इसी के तहत 30 दिसंबर को पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र बुलाया गया है, जिसमें VB-G राम जी योजना के खिलाफ प्रस्ताव पारित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार मजदूरों के हक की रक्षा के लिए हर स्तर पर लड़ाई लड़ेगी।
तरुणप्रीत सिंह सौंद ने साफ कहा कि AAP सरकार किसी भी कीमत पर MGNREGA मजदूरों के अधिकारों से समझौता नहीं करेगी और केंद्र की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद करती रहेगी।
