E20 पेट्रोल एक नया प्रकार का ईंधन है, जिसमें 20% इथेनॉल और 80% सामान्य पेट्रोल मिलाया जाता है। इथेनॉल एक तरह का बायोफ्यूल होता है, जो गन्ने और कृषि उत्पादों से बनाया जाता है।
भारत सरकार ने फैसला लिया है कि 1 अप्रैल 2026 से पूरे देश में E20 पेट्रोल ही बेचा जाएगा। इसका उद्देश्य प्रदूषण कम करना और कच्चे तेल पर निर्भरता घटाना है।
क्यों लागू किया गया यह नया नियम
सरकार का मानना है कि E20 पेट्रोल से पर्यावरण को फायदा होगा। इससे कार्बन उत्सर्जन कम होगा और देश को बाहर से तेल आयात कम करना पड़ेगा। इसके साथ ही किसानों को भी लाभ मिलेगा, क्योंकि इथेनॉल बनाने में कृषि उत्पादों का उपयोग होता है।
यह बदलाव भारत की ऊर्जा नीति का हिस्सा है, जिसमें स्वच्छ और सस्ता ईंधन अपनाने पर जोर दिया जा रहा है।
नई और पुरानी गाड़ियों में फर्क
नई गाड़ियां, खासकर 2023 के बाद बनी कारें, E20 पेट्रोल के हिसाब से तैयार की गई हैं। ऐसे वाहनों में किसी बड़े नुकसान की संभावना कम मानी जा रही है।
लेकिन पुरानी गाड़ियों के लिए स्थिति थोड़ी अलग हो सकती है। जिन गाड़ियों का निर्माण 2022 या उससे पहले हुआ है, उनमें E20 का असर ज्यादा देखा जा सकता है।
पुरानी गाड़ियों पर क्या असर पड़ेगा
रिपोर्ट्स के अनुसार, कई पुराने वाहन मालिकों ने E20 पेट्रोल इस्तेमाल करने के बाद माइलेज कम होने की शिकायत की है। एक सर्वे में करीब आधे लोगों ने बताया कि उनकी गाड़ी पहले से कम दूरी तय कर रही है।
इसके अलावा कुछ मामलों में इंजन के पार्ट्स पर ज्यादा घिसावट (wear and tear) भी देखी गई है। खासकर रबर और प्लास्टिक के हिस्सों पर असर पड़ सकता है।
हालांकि, यह असर हर गाड़ी में समान नहीं होता और वाहन की हालत पर भी निर्भर करता है।
माइलेज और परफॉर्मेंस पर असर
E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से माइलेज में थोड़ी कमी आ सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार यह कमी लगभग 3% से 7% तक हो सकती है, खासकर पुरानी गाड़ियों में।
कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि कई लोगों को गाड़ी की परफॉर्मेंस में हल्का बदलाव महसूस हुआ है, जैसे पिकअप या इंजन की स्मूदनेस में अंतर।
क्या E20 पेट्रोल सुरक्षित है
सरकार और कई विशेषज्ञों का कहना है कि E20 पेट्रोल पूरी तरह सुरक्षित है और इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। नई गाड़ियों के लिए इसे खास तौर पर डिजाइन किया गया है।
पुरानी गाड़ियों में भी यह तुरंत नुकसान नहीं पहुंचाता, लेकिन लंबे समय में कुछ तकनीकी बदलाव देखने को मिल सकते हैं।
आने वाले समय में क्या बदलेगा
E20 पेट्रोल के लागू होने के बाद भारत का ऑटो सेक्टर धीरे-धीरे नए फ्यूल के अनुसार ढल रहा है। कंपनियां अब ऐसी गाड़ियां बना रही हैं जो इस फ्यूल के साथ बेहतर प्रदर्शन करें।
यह बदलाव सिर्फ ईंधन का नहीं, बल्कि पूरे ट्रांसपोर्ट सिस्टम का बड़ा बदलाव माना जा रहा है, जो आने वाले समय में और तेज हो सकता है।
