चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने आईपीएल के सबसे बड़े ट्रेड में रवींद्र जडेजा और सैम करन को राजस्थान रॉयल्स भेजकर संजू सैमसन को अपनी टीम में शामिल किया है। इस फैसले ने फैंस को चौंकाया भी और भावुक भी किया, क्योंकि जडेजा ने 11 सीजन तक CSK के लिए अहम भूमिका निभाई है। अब CSK के मैनेजिंग डायरेक्टर काशी विश्वनाथन ने इस बड़े बदलाव की असली कहानी साझा की है।
बातचीत के बाद हुआ बड़ा फैसला
काशी विश्वनाथन ने बताया कि ट्रेड का फैसला किसी एकतरफा कदम का नतीजा नहीं था। सभी संबंधित पक्षों के साथ बातचीत की गई और उसी के बाद यह निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि CSK के पांच आईपीएल खिताबों में जडेजा का योगदान बेहद महत्वपूर्ण रहा है और उन्हें छोड़ना आसान नहीं था।
फैंस के दुख को समझते हैं: काशी
काशी ने स्वीकार किया कि फैंस इस फैसले से दुखी हैं और उन्होंने खुद कई संदेश पढ़े हैं जिनमें प्रशंसकों का गुस्सा और अफसोस झलकता है। लेकिन उनका कहना है कि टीम को भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बदलाव करने पड़ते हैं। उनके अनुसार, CSK आने वाले वर्षों में भी अपनी स्थिरता और प्रदर्शन बनाए रखेगी।
क्यों चुना संजू सैमसन को?
वीडियो इंटरव्यू में काशी विश्वनाथन ने बताया कि टीम मैनेजमेंट को एक ऐसे भारतीय बल्लेबाज की जरूरत थी जो शीर्ष क्रम में स्थिरता दे सके। इस साल के ऑक्शन में ज्यादा भारतीय टॉप-ऑर्डर बल्लेबाज उपलब्ध नहीं थे। इसलिए फ्रेंचाइजी को लगा कि ट्रेड ही एकमात्र रास्ता है जिससे वे एक अनुभवी भारतीय बल्लेबाज ला सकें।
संजू सैमसन 4500 से ज्यादा आईपीएल रन बना चुके हैं और वर्षों तक राजस्थान रॉयल्स की कप्तानी भी की है। काशी के अनुसार, सिर्फ 30 साल की उम्र में संजू वह खिलाड़ी हैं जो भविष्य में CSK की बल्लेबाजी की कमान संभाल सकते हैं। यही वजह है कि CSK ने उन्हें टीम में लाने का फैसला किया।
सैम करन को छोड़ना भी मुश्किल था
काशी विश्वनाथन ने माना कि सैम करन ने 2020, 2021 और 2025 में CSK के लिए शानदार खेल दिखाया। उनकी गेंदबाज़ी और बल्लेबाज़ी दोनों ने टीम को कई बार मैच जिताए। लेकिन टीम के संतुलन और आने वाले वर्षों की योजना के कारण यह कठिन फैसला लिया गया।
