पंजाब विधानसभा में हाल ही में धਾਰ्मिक ग्रंथों की बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून पास किया गया है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ये बहुत ही दुखद बात है कि हमें अब गुरु साहिब की सुरक्षा के लिए कानून बनाना पड़ रहा है, जिनसे हम अपनी और अपने परिवार की भलाई की अरदास करते हैं।
मुख्यमंत्री मान ने स्पष्ट किया कि जो भी गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी करेगा, उसे बिल्कुल भी बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे लोगों को सबसे सख्त सजा दी जाएगी, ताकि भविष्य में कोई और ऐसी हरकत करने की हिम्मत न कर सके।
“मिसाल बनेंगी सजाएं”
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने यह कानून इसलिए लाया है ताकि ऐसे आरोपियों को मिसाल के तौर पर सजा दी जा सके। जब एक-दो लोगों को सख्ती से सज़ा दी जाएगी, तो बाकी लोग ऐसी हरकत करने से डरेंगे। उन्होंने साफ कहा कि अब यह बहाना नहीं चलेगा कि आरोपी मानसिक रूप से बीमार है या कोई और कारण है।
मुख्यमंत्री ने तीखे शब्दों में कहा – “अगर हमारा बापू (गुरु साहिब) हमारे अपने ही घर में सुरक्षित नहीं है, तो फिर हम और कहां उम्मीद कर सकते हैं?”
25वीं वर्षगांठ पर बोले CM मान
मुख्यमंत्री भगवंत मान ये बातें सुल्तानपुर लोधी में वेईं नदी की कार सेवा की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर बोलते हुए कह रहे थे। इस खास मौके पर उन्होंने राज्यसभा सांसद संत बलबीर सिंह सीचेवाल की भी जमकर तारीफ की।
पानी बचाने के प्रयासों की सराहना
मुख्यमंत्री ने कहा कि वेईं नदी में अब नावें चल रही हैं, ये अपने आप में बहुत बड़ी बात है और इसके लिए संत सीचेवाल के प्रयासों को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि संत सीचेवाल अब राज्यसभा में जल संबंधित समिति के सदस्य हैं और उनके पास इस दिशा में कार्य करने की पूरी शक्ति है।
अब सरकार का अगला लक्ष्य है बु्ढ़े नाले को साफ करना। इस काम की ज़िम्मेदारी भी संत सीचेवाल को सौंपी गई है। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि इस परियोजना के लिए बजट की कोई कमी नहीं होगी।
पंजाब सरकार ने साफ कर दिया है कि धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सख्त कानून और प्रभावी कार्यवाही से सरकार यह संदेश देना चाहती है कि आस्था के प्रतीकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही, जल संरक्षण के क्षेत्र में भी पंजाब तेज़ी से आगे बढ़ रहा है।
