साल 2023 में सर्कुलेशन से बाहर किए गए ₹2000 के गुलाबी नोटों की पूरी वापसी अभी तक नहीं हो पाई है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, ज्यादातर नोट केंद्रीय बैंक के पास लौट चुके हैं, लेकिन अब भी करीब ₹5,817 करोड़ मूल्य के नोट जनता के पास बचे हुए हैं। यानी करीब 1.63% नोट अभी तक बाजार में मौजूद हैं।
अब तक लौटे 98.37% गुलाबी नोट
आरबीआई ने 19 मई 2023 को ₹2000 के नोटों को चलन से बाहर करने का ऐलान किया था। रिपोर्ट के मुताबिक, लगभग 98.37% नोट वापस आ चुके हैं, जबकि बाकी नोटों की वापसी अभी भी बाकी है। केंद्रीय बैंक ने बताया कि 31 अक्टूबर 2025 तक ₹2000 मूल्य वर्ग के नोटों का कुल मूल्य ₹5,817 करोड़ रह गया है।
क्यों बंद किए गए थे ₹2000 के नोट
इन नोटों को “क्लीन नोट पॉलिसी” (Clean Note Policy) के तहत सर्कुलेशन से बाहर किया गया था। जब साल 2016 में नोटबंदी लागू हुई थी, तब 500 और 1000 रुपये के नोटों को बंद कर दिया गया था। उस समय तत्काल जरूरत को देखते हुए आरबीआई ने ₹2000 के नोट जारी किए थे, ताकि नकदी की कमी को पूरा किया जा सके। लेकिन धीरे-धीरे जब अन्य मूल्यवर्ग के नोट पर्याप्त मात्रा में बाजार में आ गए, तो 19 मई 2023 को ₹2000 के नोटों को चरणबद्ध तरीके से वापस लेने का फैसला किया गया।
कितने नोट थे सर्कुलेशन में
जब ₹2000 के नोट बंद करने की घोषणा हुई थी, तब इनकी कुल वैल्यू लगभग ₹3.56 लाख करोड़ थी। अब यह घटकर सिर्फ ₹5,817 करोड़ रह गई है। यह दिखाता है कि जनता ने बड़े पैमाने पर इन नोटों को वापस कर दिया है, लेकिन कुछ नोट अब भी लोगों के पास पड़े हुए हैं।
अभी भी कर सकते हैं एक्सचेंज
आरबीआई ने शुरुआत में बैंकों की सभी शाखाओं में नोट बदलवाने की सुविधा दी थी, जिसकी अंतिम तिथि 7 अक्टूबर 2023 तय की गई थी। बाद में इसे सीमित करते हुए केवल आरबीआई के 19 कार्यालयों में एक्सचेंज की अनुमति दी गई। इन शहरों में अहमदाबाद, बेंगलुरु, भोपाल, चंडीगढ़, चेन्नई, दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, लखनऊ, जयपुर, नागपुर, पटना और अन्य प्रमुख केंद्र शामिल हैं।
डाकघर से भी बदल सकते हैं नोट
अगर कोई व्यक्ति बैंक नहीं जा सकता, तो वह इंडिया पोस्ट (India Post) के माध्यम से अपने ₹2000 के नोट आरबीआई के किसी भी जारीकर्ता कार्यालय को भेजकर अपने बैंक खाते में जमा करा सकता है। यह सुविधा देशभर में सक्रिय है।
नोट अब भी वैध हैं
आरबीआई ने यह भी स्पष्ट किया है कि ₹2000 के नोट अभी भी कानूनी मुद्रा (Legal Tender) हैं। यानी इनके जरिए कोई लेन-देन किया जा सकता है, हालांकि जल्द से जल्द इन्हें बैंक या आरबीआई के दफ्तर में जमा कराना बेहतर रहेगा।
