आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने पराली जलाने के मुद्दे पर केंद्र सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार के लिए हर नागरिक की जिंदगी और पर्यावरण दोनों ही महत्वपूर्ण हैं। लेकिन इसके बावजूद केंद्र की भाजपा सरकार लगातार पंजाब पर प्रदूषण फैलाने का आरोप लगा रही है, जबकि सच्चाई यह है कि पंजाब में पराली जलाने के मामलों में पिछले कुछ वर्षों में जबरदस्त कमी आई है।
पिछले पांच सालों में पराली जलाने के मामलों में भारी गिरावट
अमन अरोड़ा ने सरकारी आंकड़े पेश करते हुए बताया कि 21 अक्टूबर 2021 को पराली जलाने के 597 मामले दर्ज किए गए थे। 2022 में ये घटकर 393 रह गए, 2023 में 146, 2024 में 65 और 2025 में सिर्फ 62 केस सामने आए। उन्होंने कहा कि ये आंकड़े किसी और के नहीं बल्कि खुद भारत सरकार के हैं। इससे साफ साबित होता है कि पंजाब ने प्रदूषण नियंत्रण में ठोस कदम उठाए हैं।
2021 से 2025 तक 10 गुना कमी दर्ज
उन्होंने आगे बताया कि 15 सितंबर से 21 अक्टूबर के बीच 2021 में 4,327 पराली जलाने की घटनाएं दर्ज की गई थीं। वहीं, 2022 में 3,114, 2023 में 1,764, 2024 में 1,510 और 2025 में यह संख्या घटकर सिर्फ 415 रह गई है। अरोड़ा ने कहा कि यह 10 गुना कमी दर्शाती है कि पंजाब सरकार ने किसानों के सहयोग से बड़ा बदलाव लाया है।
भाजपा शासित राज्यों में बढ़ रहे हैं पराली जलाने के केस
अमन अरोड़ा ने भाजपा शासित राज्यों पर निशाना साधते हुए कहा कि जहां पंजाब ने पराली जलाने के मामलों में कमी की है, वहीं उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में यह आंकड़े लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि यूपी में 2021 में 631 घटनाएं दर्ज की गईं थीं, जो 2025 तक बढ़कर 660 हो गईं। इससे साफ है कि भाजपा सरकारें अपने राज्यों की स्थिति सुधारने के बजाय पंजाब को बदनाम करने में लगी हैं।
किसानों को दी गई मदद और मशीनें बनीं कारगर
अमन अरोड़ा ने बताया कि पंजाब सरकार ने अब तक डेढ़ लाख से अधिक मशीनें किसानों को पराली प्रबंधन के लिए सब्सिडी पर दी हैं। इससे खेतों में पराली जलाने की जरूरत काफी हद तक खत्म हो गई है। उन्होंने कहा कि यह पंजाब सरकार की किसानों के प्रति वचनबद्धता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जिम्मेदारी को दर्शाता है।
किसानों से अपील – मिलकर करें पराली मुक्त पंजाब का निर्माण
अरोड़ा ने राज्य के किसानों से अपील की कि आने वाले वर्षों में पराली जलाने के मामलों को “शून्य” तक पहुंचाया जाए। उन्होंने कहा कि जो भी व्यवस्था किसानों को चाहिए, पंजाब सरकार उसे पूरा करने के लिए तैयार है।
