लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पंजाब के सबसे बड़े योग कार्यक्रमों में से एक का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के चांसलर और राज्यसभा सांसद डॉ. अशोक कुमार मित्तल के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में 12,000 से अधिक लोगों ने भाग लिया। बड़ी संख्या में छात्रों, शिक्षकों, कर्मचारियों और अन्य लोगों ने एक साथ योग कर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया।
नितिन नबीन रहे मुख्य अतिथि
इस कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद नितिन नबीन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद यह उनका पंजाब का पहला आधिकारिक दौरा था। अपने दौरे के दौरान उन्होंने जालंधर, अमृतसर और लुधियाना में भी विभिन्न कार्यक्रमों में भाग लिया। इस यात्रा का उद्देश्य संगठन को मजबूत करना और लोगों के साथ संवाद बढ़ाना बताया गया।
योग के वैश्विक विस्तार पर चर्चा
सभा को संबोधित करते हुए नितिन नबीन ने योग के बढ़ते वैश्विक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में भारत की पहल के बाद संयुक्त राष्ट्र ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को मान्यता दी और इसके बाद योग दुनिया भर में तेजी से लोकप्रिय हुआ। उन्होंने कहा कि आज 190 से अधिक देशों में योग दिवस मनाया जा रहा है, जो भारत की सांस्कृतिक विरासत की वैश्विक पहचान है।

“12-12-12” थीम रही आकर्षण का केंद्र
कार्यक्रम की विशेष “12-12-12” थीम ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। यह थीम अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के 12वें संस्करण, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में योग के वैश्विक प्रसार के 12 वर्षों और कार्यक्रम में शामिल लगभग 12,000 प्रतिभागियों को समर्पित थी। आयोजकों के अनुसार यह थीम योग आंदोलन की व्यापकता और उसके प्रभाव को दर्शाती है।
टाइम कैप्सूल और नशामुक्ति शपथ
समारोह के दौरान नितिन नबीन, डॉ. अशोक कुमार मित्तल और अन्य अतिथियों ने एक विशेष टाइम कैप्सूल स्थापित किया, जिसे वर्ष 2047 में विकसित भारत के लक्ष्य के प्रतीक के रूप में खोला जाएगा। इस अवसर पर डॉ. मित्तल ने 12,000 से अधिक प्रतिभागियों को नशामुक्ति की शपथ भी दिलाई और युवाओं से योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर डॉ. अशोक कुमार मित्तल ने कहा, “हमारा उद्देश्य योग के माध्यम से 12,000 से अधिक लोगों को एकजुट कर यह सशक्त संदेश देना है कि स्वास्थ्य, कल्याण और आंतरिक संतुलन समाज को जोड़ने और राष्ट्र को सशक्त बनाने का माध्यम बन सकते हैं। आज योग को जो वैश्विक मान्यता प्राप्त हो रही है, वह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की उस दूरदर्शी सोच का परिणाम है, जिसके माध्यम से भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा को विश्व मंच तक पहुंचाया गया। इस वर्ष की थीम ‘स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग’ हमें यह स्मरण कराती है कि योग जीवन के प्रत्येक चरण में जीवन की गुणवत्ता को बेहतर बनाने की क्षमता रखता है। इस आयोजन के माध्यम से हम विशेष रूप से युवाओं को योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। ..
