पंजाब में ‘युद्ध नशों के खिलाफ’ नाम की मुहिम लगातार तेज़ी से आगे बढ़ रही है। इस मुहिम के 118वें दिन, पुलिस ने 125 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया और उनके पास से भारी मात्रा में नशा और नकदी जब्त की गई।
स्पेशल डीजीपी (कानून व्यवस्था) अरपित शुक्ला ने बताया कि पुलिस ने इस दौरान 710 ग्राम हेरोइन, 1 किलो अफीम और करीब 1.22 लाख रुपये की ड्रग मनी बरामद की है। इसके साथ ही, 118 दिनों में अब तक कुल 19,473 नशा तस्कर गिरफ्तार किए जा चुके हैं, जो कि इस अभियान की बड़ी सफलता मानी जा रही है।
कैसे चला ऑपरेशन?
डीजीपी शुक्ला के मुताबिक, इस विशेष अभियान के तहत पूरे पंजाब में 1400 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए। ये पुलिस टीमें 96 वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में काम कर रही हैं।
राज्यभर में 200 से ज्यादा पुलिस टीमें बनाई गईं जिन्होंने 488 जगहों पर छापेमारी की। इन छापों के दौरान 84 एफआईआर दर्ज की गईं, जिससे यह साफ होता है कि पुलिस ने कार्रवाई में कोई ढील नहीं बरती।
समाजिक पहल भी साथ में
इस कार्रवाई के साथ-साथ पंजाब पुलिस ने समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए भी कदम उठाए हैं। नशे से जूझ रहे 78 व्यक्तियों को इलाज के लिए तैयार किया गया, ताकि उन्हें नशे से मुक्ति मिल सके और वे दोबारा एक सामान्य जीवन जी सकें। इन्हें नशा मुक्ति केंद्रों में भेजा गया है।
अब तक की उपलब्धियां
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कुल गिरफ्तार नशा तस्कर: 19,473
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बरामद नशा: हेरोइन, अफीम सहित अन्य ड्रग्स
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ड्रग मनी: 1.22 लाख रुपये
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एफआईआर: 84
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छापेमारी स्थान: 488
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इलाज के लिए तैयार लोग: 78
पंजाब सरकार और पुलिस की यह मुहिम अब नतीजे देने लगी है। नशा तस्करों की धरपकड़ और समाज में जागरूकता फैलाने की कोशिशों से उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में नशे पर और कड़ा शिकंजा कसा जाएगा। पंजाब के युवा वर्ग को नशे से बाहर निकालना इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य है, और आंकड़े बता रहे हैं कि राज्य इस दिशा में सही कदम बढ़ा रहा है।
