जालंधर जिले में डेंगू का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को 5 नए मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद जिले में कुल डेंगू मरीजों की संख्या 15 तक पहुंच गई है। इनमें से 6 मरीज शहरी क्षेत्रों से और 9 मरीज गांवों से संबंधित हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और तुरंत बचाव के उपाय अपनाने की अपील की है।
लोगों को दी गई हिदायतें
स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि डेंगू से बचने के लिए आसपास सफाई रखना बेहद जरूरी है। खुले पानी की टंकियों, बेकार पड़े बर्तनों और घर के बाहर रखे कंटेनरों में पानी इकट्ठा न होने दें क्योंकि यही मच्छरों के पनपने की मुख्य जगहें होती हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि किसी भी लक्षण के दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
स्वास्थ्य विभाग की सख्त कार्रवाई
जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. आदित्य पाल ने बताया कि गुरुवार को लिए गए सैंपलों में 5 मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई, जिनमें से 3 मरीज अन्य जिलों से संबंधित थे। उन्होंने कहा कि विभाग की एंटी-लार्वा टीमों ने गुरुवार को 3,065 घरों का सर्वे किया, जिसमें 15 जगहों पर डेंगू फैलाने वाले मच्छरों का लार्वा मिला।
अब तक का सर्वे और कार्रवाई
स्वास्थ्य विभाग की टीम अब तक जिले में 4,08,757 घरों का सर्वेक्षण कर चुकी है। इस दौरान 1,122 घरों और 1,258 कंटेनरों में मच्छरों का लार्वा मिला, जिसे पूरी तरह नष्ट करवा दिया गया है। विभाग का कहना है कि डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए आने वाले दिनों में जांच और निगरानी और तेज की जाएगी।
डेंगू के लक्षण और बचाव
डेंगू एक मच्छरजनित बीमारी है, जिसके प्रमुख लक्षण तेज बुखार, सिरदर्द, जोड़ों और मांसपेशियों में दर्द, थकान और चक्कर आना हैं। डेंगू के लिए कोई विशेष दवा नहीं है, लेकिन मरीज को आराम, पर्याप्त तरल पदार्थ और बुखार नियंत्रित करने वाली दवाइयां देना जरूरी है। गंभीर स्थिति जैसे प्लेटलेट्स की कमी या अत्यधिक थकान होने पर तुरंत डॉक्टर से इलाज कराना चाहिए।
