मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में आम आदमी पार्टी सरकार के नशा विरोधी अभियान ‘वॉर ऑन ड्रग्स’ ने 300 दिन पूरे कर लिए हैं। इस मौके पर AAP पंजाब के जनरल सेक्रेटरी और मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अभियान की उपलब्धियों का ब्योरा साझा किया। उन्होंने इसे सिर्फ सरकारी मुहिम नहीं, बल्कि पंजाब के भविष्य को बचाने वाला जन आंदोलन बताया।
300 दिनों की लड़ाई, मजबूत इरादे
बलतेज पन्नू ने कहा कि ‘वॉर ऑन ड्रग्स’ का पैमाना, गंभीरता और ज़मीनी क्रियान्वयन न केवल देश में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी मिसाल बन चुका है। उन्होंने साफ किया कि यह किसी एक पार्टी का अभियान नहीं, बल्कि पंजाबियों द्वारा पंजाब के लिए चलाई जा रही मुहिम है। इसी कड़ी में उन्होंने बताया कि इस अभियान का दूसरा चरण 7 जनवरी से 25 जनवरी तक चलाया जाएगा, जिसमें कार्रवाई और तेज होगी।
आंकड़ों में दिखी सख्ती
पन्नू ने 1 मार्च 2025 से 23 दिसंबर 2025 तक के आधिकारिक आंकड़े साझा करते हुए बताया कि इस अवधि में पंजाब पुलिस ने 28,485 मामले दर्ज किए और 41,517 आरोपियों को गिरफ्तार किया। उन्होंने कहा कि यह सब सरकार की मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति का नतीजा है।
भारी मात्रा में ड्रग्स बरामद
अभियान के दौरान बरामद नशीले पदार्थों की सूची भी चौंकाने वाली है। पुलिस ने अब तक
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1,819 किलो से ज्यादा हेरोइन,
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594 किलो अफीम,
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27 हजार किलो से अधिक पोस्त की भूसी,
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577 किलो गांजा,
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40 किलो चरस,
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4 किलो से ज्यादा कोकीन,
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25 किलो से ज्यादा सिंथेटिक ड्रग (आइस)
जब्त की है।
इसके अलावा 46 लाख से ज्यादा प्रतिबंधित गोलियां-कैप्सूल, 1,666 नशीले इंजेक्शन और 15.23 करोड़ रुपये की ड्रग मनी भी बरामद की गई है।
गांव-गांव तक पहुंचा अभियान
नशा मुक्ति और रोकथाम के लिए सरकार ने पंजाब को पांच जोन—माझा, दोआबा, मालवा ईस्ट, मालवा वेस्ट और मालवा सेंट्रल में बांटा है। इस मुहिम का एक अहम स्तंभ गांव स्तर पर बनी डिफेंस कमेटियां हैं, जिन्हें अब ‘विलेज वॉचमैन’ कहा जा रहा है। पन्नू के अनुसार, इनसे जुड़े स्वयंसेवकों की संख्या अब करीब एक लाख तक पहुंच चुकी है।
आगे भी जारी रहेगी जंग
AAP नेताओं का कहना है कि नशे के खिलाफ यह लड़ाई यहीं नहीं रुकेगी। आने वाले दिनों में सख्ती के साथ-साथ नशा पीड़ितों के इलाज और पुनर्वास पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि पंजाब को एक बार फिर स्वस्थ और सुरक्षित बनाया जा सके।
