विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर छत्तबीड़ चिड़ियाघर में इस बार एक अलग और प्रेरणादायक आयोजन देखने को मिला। आमतौर पर ऐसे कार्यक्रमों में अधिकारी और कर्मचारी पौधारोपण करते हैं, लेकिन इस बार चिड़ियाघर प्रशासन ने पर्यटकों को इस अभियान का हिस्सा बनाया। पंजाब सहित विभिन्न राज्यों से आए सैकड़ों पर्यटकों ने उत्साह के साथ पौधे लगाए और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
चिड़ियाघर घूमने आए लोगों ने केवल जानवरों को देखने तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि प्रकृति को हरा-भरा बनाने की इस पहल में भी सक्रिय भागीदारी निभाई। इससे पूरे परिसर में उत्साह और जागरूकता का माहौल देखने को मिला।
100 से अधिक पौधों का हुआ रोपण
कार्यक्रम के दौरान पर्यटकों ने मिलकर चिड़ियाघर परिसर में 100 से अधिक पौधे लगाए। पौधारोपण के लिए विभिन्न प्रजातियों के पौधों का चयन किया गया, जो आने वाले वर्षों में हरियाली बढ़ाने और पर्यावरण को बेहतर बनाने में मदद करेंगे।
कई परिवार अपने बच्चों के साथ इस कार्यक्रम में शामिल हुए। बच्चों ने भी पौधे लगाने में रुचि दिखाई और पर्यावरण के महत्व को समझने का प्रयास किया। इस दौरान लोगों ने पौधों की देखभाल और संरक्षण के बारे में भी जानकारी प्राप्त की।
2,500 से अधिक लोगों ने ली पर्यावरण शपथ
पौधारोपण अभियान के बाद एक सामूहिक पर्यावरण शपथ समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में 2,500 से अधिक आगंतुकों ने हिस्सा लिया और प्रकृति के संरक्षण तथा पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली अपनाने का संकल्प लिया।
शपथ के दौरान लोगों ने पेड़-पौधों की रक्षा करने, जल और ऊर्जा की बचत करने तथा स्वच्छ वातावरण बनाए रखने का वादा किया। बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया।
अधिकारियों ने की पहल की सराहना
इस कार्यक्रम का नेतृत्व फील्ड डायरेक्टर नलिन यादव और शिक्षा एवं लोक संपर्क अधिकारी हरपाल सिंह ने किया। दोनों अधिकारियों ने आम जनता को पर्यावरण संरक्षण गतिविधियों से जोड़ने के उद्देश्य से इस विशेष आयोजन की योजना बनाई थी।
पर्यटकों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के कार्यक्रम लोगों को प्रकृति के प्रति जिम्मेदार बनने के लिए प्रेरित करते हैं। कई लोगों ने इसे अपने लिए यादगार अनुभव बताया।
पौधे से बनता है भावनात्मक रिश्ता
फील्ड डायरेक्टर नलिन यादव ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल एक दिन मनाने का विषय नहीं है, बल्कि यह निरंतर चलने वाली जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति अपने हाथों से पौधा लगाता है, तो उसके साथ एक भावनात्मक जुड़ाव बन जाता है और वह उसकी देखभाल के लिए अधिक जागरूक रहता है।
उन्होंने बताया कि चिड़ियाघर प्रशासन भविष्य में भी इसी तरह की हरित पहलों में आम जनता की भागीदारी सुनिश्चित करेगा, ताकि अधिक से अधिक लोग पर्यावरण संरक्षण के अभियान से जुड़ सकें और प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझ सकें।
