जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के चशोती गांव में आज एक बड़ा हादसा हुआ। दोपहर करीब 12 से 1 बजे के बीच बादल फटने से अचानक बाढ़ आ गई। इस आपदा में अब तक 46 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 100 से ज्यादा लोग घायल हैं। घायलों में से 75 को अठोली उप-जिला अस्पताल पहुंचाया गया है। अधिकारियों ने आशंका जताई है कि मृतकों का आंकड़ा और बढ़ सकता है।
राहत और बचाव कार्य जारी
जैसे ही घटना की खबर मिली, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, स्थानीय प्रशासन और सेना के जवान मौके पर पहुंचे। राहत-बचाव कार्य तेजी से जारी है। मलबा हटाने, फंसे लोगों को निकालने और घायलों को अस्पताल पहुंचाने का काम किया जा रहा है। जम्मू के डिवीजनल कमिश्नर रमेश कुमार ने बताया कि सेना पूरी तरह से ऑपरेशन में जुटी है।
हेल्पलाइन नंबर जारी
प्रशासन ने तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों की मदद के लिए नियंत्रण कक्ष और सहायता डेस्क स्थापित किए हैं। पद्दार क्षेत्र में बनाए गए इस केंद्र से चशोती लगभग 15 किलोमीटर दूर है।
संपर्क के लिए जारी नंबर:
9858223125, 6006701934, 9797504078, 8492886895, 8493801381, 7006463710
जिला नियंत्रण कक्ष: 01995-259555, 9484217492
किश्तवाड़ पुलिस नियंत्रण कक्ष: 9906154100
हादसे का स्थान और कारण
चशोती, मचैल माता मंदिर जाने वाले मार्ग का आखिरी वाहन-योग्य गांव है। यह मंदिर देवी दुर्गा को समर्पित है और यहां तक पहुंचने के लिए 8.5 किलोमीटर की पैदल यात्रा करनी पड़ती है। घटना के समय मंदिर यात्रा के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। बारिश और बादल फटने से तेज धारा में कई लोग बह गए। श्रद्धालुओं के लिए लगाए गए एक लंगर को भी सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। बाढ़ ने आसपास के कई गांवों को तबाह कर दिया।
नेताओं की संवेदनाएँ
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर दुख जताया। पीएम मोदी ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर लिखा कि स्थिति पर करीबी नज़र रखी जा रही है और प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता दी जाएगी।
जम्मू-कश्मीर के उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला भी राहत कार्यों पर नज़र बनाए हुए हैं। उमर अब्दुल्ला ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से फोन पर बात कर स्थिति की जानकारी दी।
स्वतंत्रता दिवस पर असर
मुख्यमंत्री ने इस त्रासदी को देखते हुए 15 अगस्त की शाम को होने वाली “एट होम” चाय पार्टी रद्द करने का ऐलान किया। साथ ही सुबह होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम भी स्थगित कर दिए गए हैं। हालांकि औपचारिक कार्यक्रम जैसे भाषण, मार्च पास्ट आदि पूर्व निर्धारित समय पर होंगे।
किश्तवाड़ का यह हादसा स्वतंत्रता दिवस से ठीक पहले पूरे देश को झकझोर गया है। जहां एक तरफ देश जश्न की तैयारी कर रहा था, वहीं दूसरी ओर इस त्रासदी ने कई परिवारों को शोक में डुबो दिया। राहत दल लगातार काम में जुटे हैं और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और जरूरत पड़ने पर हेल्पलाइन नंबरों पर संपर्क करें।
