आज भारत ने गर्व और जोश के साथ अपना 79वां स्वतंत्रता दिवस मनाया। देशभर में तिरंगे के रंगों में रंगे माहौल के बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगातार 12वीं बार लाल किले की प्राचीर से राष्ट्रीय ध्वज फहराया और राष्ट्र को संबोधित किया।
पाकिस्तान को सीधी चेतावनी
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने पाकिस्तान की परमाणु धमकियों पर कड़ा रुख दिखाया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भारत अब किसी भी तरह की न्यूक्लियर ब्लैकमेलिंग को बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने आतंकवाद और उसे समर्थन देने वालों को “मानवता के दुश्मन” बताते हुए कहा कि अब आतंकियों और उनके पनाह देने वालों के बीच कोई फर्क नहीं किया जाएगा।
प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि अगर भविष्य में भी भारत को परमाणु धमकियों से डराने की कोशिश हुई, तो सेना अपने तरीके, समय और लक्ष्यों के अनुसार मुंहतोड़ जवाब देगी। यह संदेश साफ था — भारत अब डरने या चुप रहने वाला नहीं है।
ऑपरेशन सिंदूर के 100 दिन
आज का दिन खास इसलिए भी रहा क्योंकि ऑपरेशन सिंदूर को शुरू हुए 100 दिन पूरे हो गए। इस अभियान के जरिए राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करने और दुश्मनों को करारा जवाब देने का संदेश दुनिया को दिया गया। अपने भाषण में पीएम मोदी ने इस ऑपरेशन की उपलब्धियों का जिक्र किया और इसे देश की सुरक्षा नीति में अहम मील का पत्थर बताया।
विकास और कल्याण पर जोर
प्रधानमंत्री ने न केवल सुरक्षा, बल्कि आर्थिक विकास और सामाजिक कल्याण योजनाओं पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति में हर नागरिक की भूमिका है और सरकार का प्रयास है कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
लाल किले और आसपास के इलाकों में आज सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए गए। 11,000 से ज्यादा सुरक्षाकर्मी और लगभग 3,000 ट्रैफिक पुलिसकर्मी तैनात रहे। ऊंची इमारतों पर स्नाइपर्स निगरानी में थे और आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाया गया।
इस साल की थीम – “नया भारत”
स्वतंत्रता दिवस 2025 की थीम “नया भारत” रखी गई है। इसका मकसद है एक ऐसे भारत का निर्माण जो आत्मनिर्भर, सुरक्षित, और समावेशी हो। प्रधानमंत्री ने कहा कि नया भारत न सिर्फ विकास में, बल्कि आत्मसम्मान और वैश्विक नेतृत्व में भी आगे बढ़ रहा है।
पीएम मोदी का रिकॉर्ड
लाल किले से सबसे लंबा भाषण देने का रिकॉर्ड पहले से ही पीएम मोदी के नाम है। इस बार भी उनका संबोधन लंबा, जोश से भरा और स्पष्ट संदेश देने वाला रहा।
79वें स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री का संदेश दो टूक और प्रेरणादायी रहा। यह भाषण न केवल पाकिस्तान को चेतावनी था, बल्कि देशवासियों के लिए एक आह्वान भी — कि हम सभी मिलकर “नए भारत” के निर्माण में अपना योगदान दें। तिरंगे की शान, सैनिकों की वीरता और देश के विकास का संकल्प, यही इस स्वतंत्रता दिवस का सबसे बड़ा संदेश रहा।
