उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित प्रसिद्ध मनसा देवी मंदिर में रविवार सुबह बड़ी दुर्घटना हो गई। भारी भीड़ के कारण मंदिर के मुख्य मार्ग पर भगदड़ मच गई, जिसमें 6 श्रद्धालुओं की मौत हो गई और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
प्रशासन और पुलिस ने तुरंत शुरू किया राहत कार्य
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंच गईं। राहत एवं बचाव कार्य तत्काल शुरू कर दिया गया। पुलिस अधीक्षक प्रमोद सिंह ने बताया कि सुबह करीब 9 बजे कंट्रोल रूम को भगदड़ की सूचना मिली थी, जिसके बाद घायलों को त्वरित उपचार के लिए नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया।
करंट की अफवाह से मच सकती है भगदड़: शुरुआती जांच
हादसे को लेकर अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। कुछ चश्मदीदों ने दावा किया कि मंदिर के पास एक खंभे में शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे करंट फैलने की अफवाह फैली और श्रद्धालुओं में भगदड़ मच गई। हालांकि गढ़वाल मंडल आयुक्त विनय शंकर पांडे और डीसी विनय कुमार ने इस आशंका को खारिज करते हुए कहा कि करंट वाली बात की पुष्टि नहीं हुई है और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
मुख्यमंत्री धामी ने जताया गहरा दुख
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “हरिद्वार स्थित मनसा देवी मंदिर में भगदड़ मचने का अत्यंत दुखद समाचार प्राप्त हुआ है। UKSDRF, स्थानीय पुलिस और बचाव दल मौके पर राहत कार्यों में लगे हैं। मैं लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हूं और माता रानी से सभी श्रद्धालुओं की कुशलता की प्रार्थना करता हूं।”
35 घायल अस्पताल में भर्ती, स्थिति नियंत्रण में
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अब तक लगभग 35 घायल श्रद्धालुओं को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जिनमें कुछ की हालत गंभीर है। हादसे की जांच जारी है और मंदिर परिसर में अतिरिक्त बल तैनात कर दिया गया है ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। प्रशासन का कहना है कि स्थिति अब सामान्य है और श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
