पंजाब के लिए यह बेहद गर्व की बात है कि महाराजा रणजीत सिंह आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट (एमआरएसएफपीआई) के 7 पूर्व कैडेट भारतीय सेना और भारतीय वायु सेना में कमीशंड अधिकारी बन गए हैं। यह उपलब्धि न केवल इन युवाओं और उनके परिवारों के लिए खास है, बल्कि पूरे पंजाब के लिए सम्मान का विषय है। इससे यह भी साबित होता है कि राज्य का यह संस्थान युवाओं को देश की रक्षा सेवाओं के लिए तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
सेना में शामिल हुए चार युवा अधिकारी
देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) की 158वीं रेगुलर कोर्स पासिंग आउट परेड में एमआरएसएफपीआई के चार कैडेटों को भारतीय सेना में कमीशन मिला। इस भव्य परेड की समीक्षा भारत की राष्ट्रपति और सशस्त्र सेनाओं की सर्वोच्च कमांडर द्रौपदी मुर्मू ने की।
सेना में अधिकारी बनने वालों में होशियारपुर के परमजोत सिंह शामिल हैं। उनके पिता व्यवसायी हैं और माता स्वास्थ्य विभाग में स्टाफ नर्स के रूप में कार्यरत हैं। मोहाली के अभय सिंह राघव भी सेना अधिकारी बने हैं। उनके पिता स्वास्थ्य विभाग में सिविल रजिस्ट्रेशन अधिकारी हैं, जबकि माता एक निजी स्कूल में अध्यापिका हैं।
अलग-अलग जिलों के युवाओं ने किया कमाल
होशियारपुर के अनिकेत कहोल भी भारतीय सेना में अधिकारी बने हैं। उनके पिता व्यवसाय से जुड़े हुए हैं। वहीं पठानकोट के अनुराग चौहान ने भी सेना में अधिकारी बनकर अपने परिवार और जिले का नाम रोशन किया है। इन युवाओं की सफलता अन्य छात्रों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन रही है।
वायु सेना में बने तीन फ्लाइंग ऑफिसर
हैदराबाद के डुंडीगल स्थित एयर फोर्स अकादमी में आयोजित 217वीं संयुक्त स्नातक परेड के दौरान एमआरएसएफपीआई के तीन कैडेट भारतीय वायु सेना में फ्लाइंग ऑफिसर बने। इस परेड का निरीक्षण रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया।
रूपनगर (रोपड़) के उदयबीर सिंह फ्लाइंग ऑफिसर बने हैं। उनके पिता भारतीय वायु सेना के पूर्व सैनिक रह चुके हैं। एसएएस नगर के वासू मेहता भी फ्लाइंग ऑफिसर बने हैं। उनके माता-पिता दोनों सरकारी अध्यापक हैं। वहीं एसएएस नगर के करण कौशिश ने भी यह उपलब्धि हासिल की है। उनकी माता न्यायिक अदालत में कार्यरत हैं और पिता व्यवसायी हैं।
मंत्री अमन अरोड़ा ने दी बधाई
पंजाब के रोजगार सृजन, कौशल विकास एवं प्रशिक्षण मंत्री अमन अरोड़ा ने सभी नव-नियुक्त अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ये युवा अपने समर्पण और मेहनत से देश की सेवा करेंगे तथा पंजाब का नाम और ऊंचा करेंगे। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार युवाओं को भारतीय सशस्त्र सेनाओं में शामिल होने के लिए हर संभव सहायता प्रदान कर रही है।
97 तक पहुंची अधिकारियों की संख्या
अमन अरोड़ा ने जानकारी दी कि इन 7 कैडेटों के कमीशंड अधिकारी बनने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार के कार्यकाल में एमआरएसएफपीआई से कमीशन प्राप्त करने वाले कैडेटों की कुल संख्या 97 हो गई है। संस्थान के निदेशक मेजर जनरल अजय एच. चौहान (सेवानिवृत्त) ने भी सभी कैडेटों को शुभकामनाएं देते हुए उन्हें देश सेवा और उच्च आदर्शों पर कायम रहने के लिए प्रेरित किया।
