आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बुधवार, 2 जुलाई को गुजरात के अहमदाबाद से पार्टी के सदस्यता अभियान की शुरुआत की। इस मौके पर एक बड़ी जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने बीजेपी और कांग्रेस दोनों पर तीखा हमला बोला और कहा कि अब गुजरात की जनता बदलाव चाहती है।
“बीजेपी और कांग्रेस का रिश्ता प्रेमी-प्रेमिका जैसा”
केजरीवाल ने अपने भाषण में कहा कि गुजरात में पिछले 30 सालों से बीजेपी का राज इसलिए चल रहा है क्योंकि कांग्रेस ने कभी सच में विरोध नहीं किया। उन्होंने कहा, “बीजेपी को यह भरोसा हो गया है कि गुजरात की जनता के पास कोई और विकल्प नहीं है, इसलिए कमल का बटन ही दबाना पड़ेगा। लेकिन अब ऐसा नहीं है। अब आम आदमी पार्टी एक मजबूत विकल्प बनकर सामने आई है।”
केजरीवाल ने आरोप लगाया कि बीजेपी और कांग्रेस दोनों मिलकर काम करते हैं। उन्होंने कहा, “गुजरात में 70 फीसदी ठेके बीजेपी के लोगों को मिलते हैं और बाकी 30 फीसदी कांग्रेस को। दोनों पार्टियों के नेताओं ने अपनी-अपनी कंपनियां खोल रखी हैं और जनता के पैसों से खेल रहे हैं।”
“चोरी-चोरी मिलते हैं ये प्रेमी-प्रेमिका”
अपने चुटीले अंदाज़ में केजरीवाल ने कहा, “किसी ने पूछा कि बीजेपी और कांग्रेस का रिश्ता क्या है? क्या ये भाई-बहन हैं या पति-पत्नी? तो मैंने कहा, न भाई-बहन हैं और न पति-पत्नी। ये रिश्ता है प्रेमी-प्रेमिका का, जो छुप-छुपकर मिलते हैं, चोरी-चोरी सब कुछ करते हैं। ये बहुत खतरनाक रिश्ता है, इनसे सावधान रहना चाहिए।”
“केवल AAP करती है लोगों की सेवा”
उन्होंने कहा कि केवल आम आदमी पार्टी ही जनता की सच्ची सेवा कर रही है। कांग्रेस सिर्फ बीजेपी की मदद करती है और जनता को भ्रम में रखती है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे दोनों पार्टियों से सावधान रहें और देश के भविष्य के लिए सच्चे विकल्प को चुनें।
“विसावदर उपचुनाव था सेमीफाइनल, 2027 में बनेगी AAP सरकार”
अरविंद केजरीवाल ने यह भी कहा कि गुजरात की जनता अब बदलाव चाहती है। उन्होंने कहा कि अब तक लोगों के पास कोई विकल्प नहीं था, लेकिन अब AAP एक मजबूत और ईमानदार विकल्प है।
उन्होंने हाल ही में हुए विसावदर उपचुनाव को लेकर कहा कि यह एक सेमीफाइनल था और 2027 के विधानसभा चुनावों की शुरुआत है। उन्होंने पूरे आत्मविश्वास से कहा कि “2027 में आम आदमी पार्टी की सरकार गुजरात में बनेगी। यह जनता का राज होगा, नेताओं का नहीं।”
अरविंद केजरीवाल की यह गुजरात यात्रा सिर्फ सदस्यता अभियान की शुरुआत नहीं, बल्कि राजनीतिक घमासान की पहली झलक भी है। उनका साफ कहना है कि अब गुजरात में दो पार्टियों की दोस्ती का खेल खत्म होगा और जनता के हाथ में सत्ता आएगी। अब देखना यह होगा कि क्या आम आदमी पार्टी वाकई गुजरात की राजनीति में बड़ा बदलाव ला पाएगी।
