प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार, 3 जुलाई 2025 को अपने पांच देशों के विदेश दौरे के पहले चरण में अफ्रीकी देश घाना पहुंचे। यह दौरा कई मायनों में ऐतिहासिक है, क्योंकि 30 साल बाद पहली बार कोई भारतीय प्रधानमंत्री घाना की धरती पर कदम रख रहा है।
अकरा में हुआ गर्मजोशी से स्वागत
घाना की राजधानी अकरा पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का शानदार स्वागत किया गया। घाना के राष्ट्रपति जॉन ड्रामानी महामा खुद एयरपोर्ट पर मौजूद थे और उन्होंने पीएम मोदी को गले लगाकर स्वागत किया। मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया और 21 तोपों की सलामी से उनका अभिनंदन किया गया।
रणनीतिक रिश्तों को मज़बूती
प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा अफ्रीकी और अटलांटिक देशों के साथ भारत की रणनीतिक साझेदारी को मज़बूत करने की दिशा में अहम माना जा रहा है। पीएम मोदी ने दौरे से पहले कहा था कि घाना, ग्लोबल साउथ का एक महत्वपूर्ण साझेदार है और यह देश अफ्रीकी संघ और पश्चिम अफ्रीकी राज्यों के आर्थिक समुदाय में बड़ी भूमिका निभाता है।
उन्होंने कहा कि इस दौरे से दोनों देशों के बीच ऊर्जा, निवेश, स्वास्थ्य, सुरक्षा और विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ेगा। घाना की संसद को संबोधित करना उनके लिए गर्व और सम्मान की बात है।
—
त्रिनिदाद और टोबैगो: ऐतिहासिक रिश्तों की नई शुरुआत
3 और 4 जुलाई को प्रधानमंत्री मोदी त्रिनिदाद और टोबैगो की यात्रा पर होंगे। उन्होंने इस द्वीपीय देश को भारत के साथ ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों का प्रतीक बताया।
पीएम मोदी ने कहा, “करीब 180 साल पहले भारतीय पहली बार त्रिनिदाद और टोबैगो पहुंचे थे। यह दौरा हमारे पारिवारिक और सांस्कृतिक बंधनों को फिर से जीवंत करने का सुनहरा अवसर है।” वे वहां राष्ट्रपति क्रिस्टीन कार्ला कंगालू और प्रधानमंत्री कमला परसाद बिसेसर से मुलाकात करेंगे।
—
अर्जेंटीना: 57 वर्षों बाद भारत से विशेष यात्रा
त्रिनिदाद के बाद पीएम मोदी अर्जेंटीना जाएंगे। ब्यूनस आयर्स में उनका यह दौरा पिछले 57 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री का पहला दौरा होगा। उन्होंने अर्जेंटीना को लैटिन अमेरिका में भारत का अहम आर्थिक साझेदार बताया और कहा कि वह G-20 में भारत का करीबी सहयोगी है।
—
ब्राजील में BRICS सम्मेलन
6-7 जुलाई को प्रधानमंत्री ब्राजील के रियो डी जनेरियो में आयोजित BRICS सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। उन्होंने BRICS को उभरती अर्थव्यवस्थाओं के लिए एक प्रमुख वैश्विक मंच बताया और कहा कि यह संगठन बहुध्रुवीय, लोकतांत्रिक और न्यायसंगत वैश्विक व्यवस्था की दिशा में काम कर रहा है।
सम्मेलन के बाद पीएम मोदी ब्रासीलिया भी जाएंगे, जहां वे ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा से मुलाकात करेंगे और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेंगे। यह दौरा लगभग 60 साल बाद हो रहा है।
—
नामीबिया: मजबूत साझेदारी का आखिरी पड़ाव
इस यात्रा का अंतिम पड़ाव होगा नामीबिया, जिसे प्रधानमंत्री ने एक भरोसेमंद और रणनीतिक साझेदार बताया है। वे वहां दोनों देशों के बीच ऊर्जा, पर्यावरण और आर्थिक सहयोग को लेकर चर्चा करेंगे।
—
पीएम मोदी की यह 5 देशों की यात्रा सिर्फ औपचारिक भेंट नहीं है, बल्कि यह भारत के वैश्विक कद, कूटनीति और रणनीतिक भागीदारी को नए आयाम देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे भारत की उपस्थिति अफ्रीका, लैटिन अमेरिका और ग्लोबल साउथ में और मजबूत होगी।
