आज पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र का दूसरा दिन है, जहां कई अहम बिल पेश किए जा रहे हैं। इस दौरान सदन में पानी के मुद्दे पर चर्चा के दौरान पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने हरियाणा को आड़े हाथों लिया और तीखे शब्दों में अपनी बात रखी।
हरियाणा नहीं संभाल पा रहा अपना पानी: मंत्री बलबीर सिंह
डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि हरियाणा अपनी ही पानी की व्यवस्था ठीक से नहीं संभाल पा रहा है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा,
“पहले गुड़गांव को गुरुग्राम बनाया गया, अब वह जलग्राम बन गया है।”
उन्होंने कहा कि हरियाणा स्मार्ट सिटी की बातें करता है, लेकिन उनकी अपनी ही सिटी में पानी की भारी कमी है। ऐसे में वो पंजाब से पानी मांग रहे हैं, जो तर्कसंगत नहीं है।
“मिलेनियम सिटी” बनी जल संकट की सिटी
मंत्री ने कहा कि हरियाणा की मिलेनियम सिटी (गुरुग्राम) आज पानी के लिए तरस रही है। वहां पीने तक का पानी नहीं बचा है और फिर भी वो पंजाब से पानी मांग रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब की स्थिति पहले से ही गंभीर है, ऐसे में सतलुज से पानी देना संभव नहीं है।
1980 की वॉटर कमिशन रिपोर्ट का हवाला
डॉ. बलबीर सिंह ने सदन में 1980 की वॉटर कमिशन की रिपोर्ट का जिक्र करते हुए कहा कि उस रिपोर्ट में साफ कहा गया था कि सतलुज नदी में पानी की मात्रा बेहद कम है। ऐसे में किसी और राज्य को पानी देना व्यावहारिक नहीं है।
शारदा-यमुना लिंक से पानी लें
उन्होंने सुझाव देते हुए कहा कि अगर हरियाणा को पानी की इतनी ज़रूरत है, तो उन्हें पंजाब से नहीं, बल्कि शारदा-यमुना लिंक से पानी लेने की कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि हर बार पंजाब से ही पानी की मांग करना अन्यायपूर्ण है।
पंजाब विधानसभा में पानी को लेकर आज का माहौल काफी गर्म रहा। मंत्री बलबीर सिंह ने साफ कहा कि पंजाब पहले ही जल संकट से जूझ रहा है और राज्य के हकों की अनदेखी नहीं होने दी जाएगी।
