पंजाब में नशे के बढ़ते खतरे को जड़ से खत्म करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने ‘युद्ध नशों के खिलाफ’ मुहिम को और मजबूत करने के लिए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के डायरेक्टर जनरल अनुराग गर्ग के साथ एक अहम समन्वय बैठक की।
साझा रणनीति तैयार
इस बैठक में नशे के नेटवर्क को तोड़ने और नशा तस्करों पर लगाम कसने के लिए दोनों एजेंसियों ने मिलकर एक रणनीति बनाई। अब पंजाब पुलिस और NCB आपस में रियल टाइम खुफिया जानकारी साझा करेंगी और साथ मिलकर कार्रवाई करेंगी।
बैठक में यह भी तय हुआ कि:
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नशा तस्करी और फंडिंग के नेटवर्क को चिन्हित कर तोड़ा जाएगा।
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विदेशों में बैठे बड़े तस्करों पर खास ध्यान दिया जाएगा, जो पंजाब में ड्रग्स भेजने की साजिश रचते हैं।
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नारकोटिक्स और फाइनेंशियल टेररिज्म के गठजोड़ को भी खत्म करने की दिशा में संयुक्त कार्रवाई की जाएगी।
विदेशों में बैठे मास्टरमाइंड होंगे टारगेट
DGP गौरव यादव ने कहा कि अब फोकस उन “बड़ी मछलियों” पर होगा जो विदेशों में बैठकर पंजाब में नशा तस्करी को अंजाम दे रही हैं। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के DG अनुराग गर्ग ने भरोसा दिलाया कि इन मास्टरमाइंड्स को पकड़ने में NCB पूरा सहयोग करेगी।
पंजाब पुलिस की सख्त प्रतिबद्धता
DGP गौरव यादव ने दोहराया कि पंजाब पुलिस युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाने और नशे की सप्लाई चेन तोड़ने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि राज्य में नशे का पूरी तरह से खात्मा करना हमारा मिशन है, और इसमें कोई कोताही नहीं बरती जाएगी।
यह बैठक पंजाब में नशे के खिलाफ लड़ाई को तेज करने की दिशा में एक मजबूत कदम है। अब दोनों एजेंसियों की संयुक्त रणनीति से उम्मीद है कि नशा तस्करी का नेटवर्क जल्द ही टूटेगा और पंजाब के युवाओं का भविष्य सुरक्षित रहेगा।
