12 जुलाई 2025 को एयर इंडिया विमान हादसे की शुरुआती जांच रिपोर्ट जारी कर दी गई है। यह रिपोर्ट भारत सरकार के एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) द्वारा तैयार की गई है। रिपोर्ट के अनुसार, उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद विमान के दोनों इंजनों तक ईंधन की आपूर्ति अचानक बंद हो गई, जिससे यह गंभीर हादसा हुआ। हालांकि यह शुरुआती जांच है और इसमें हादसे का एक मुख्य कारण सामने आया है, लेकिन कई अहम सवालों के जवाब अभी बाकी हैं।
रिपोर्ट में बताया गया है कि विमान जैसे ही हवा में उठा, दोनों इंजन फेल हो गए। इसकी वजह ईंधन की सप्लाई रुकना रही। उस समय विमान ने पर्याप्त ऊंचाई भी हासिल नहीं की थी, जिससे इंजनों को दोबारा चालू करने की कोशिशें सफल नहीं हो सकीं। यह स्थिति बेहद गंभीर थी और विमान को बचाया नहीं जा सका। नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने रिपोर्ट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अभी पूरी जांच बाकी है और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले संयम जरूरी है।
जांच रिपोर्ट में एक बड़ा सवाल यह भी है कि आखिर ईंधन की सप्लाई कैसे बंद हुई? विशेषज्ञों के अनुसार, विमान के फ्यूल कटऑफ स्विच अपने आप नहीं बदल सकते। यह एक मैकेनिकल प्रक्रिया है, जिसे मैन्युअल रूप से बदला जाता है। एक सेफ्टी गार्ड के नीचे मौजूद इस स्विच को बदलने के लिए उसे जानबूझकर या गलती से छेड़ना पड़ता है। पूर्व वायुसेना पायलट एहसान खालिद ने भी इस बात की पुष्टि की कि ऐसा बिना किसी बाहरी हस्तक्षेप के नहीं हो सकता।
एक और हैरान करने वाली बात यह सामने आई है कि विमान के कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर (CVR) में पायलटों के बीच एक संवाद दर्ज है, जिसमें एक पायलट दूसरे से पूछता है, “तुमने फ्यूल कटऑफ क्यों किया?” जवाब में दूसरा पायलट कहता है, “मैंने नहीं किया।” हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि किसने यह पूछा और किसने जवाब दिया। इससे यह सवाल और गहरा हो गया है कि क्या यह गलती थी या जानबूझकर किया गया कोई कदम?
CVR डेटा को लेकर भी संदेह जताया जा रहा है। विमान केवल 38 सेकंड ही हवा में रहा, लेकिन इतने गंभीर हालात में केवल एक संवाद रिकॉर्ड होना कई विशेषज्ञों को अजीब लग रहा है। अब ये आशंका जताई जा रही है कि शायद रिकॉर्डिंग अधूरी है या जांच रिपोर्ट में पूरी बातचीत नहीं दिखाई गई है।
तकनीकी पहलू भी इस हादसे में शक के घेरे में हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि जिस Boeing 787-8 विमान का हादसा हुआ, उसमें ऐसे फ्यूल स्विच लगे थे, जिनमें लॉकिंग फीचर नहीं था। अमेरिकी एविएशन संस्था FAA ने 2018 में इस डिजाइन को लेकर चेतावनी दी थी, लेकिन उसे उस समय गंभीर खतरा नहीं माना गया था। अब यह सवाल उठ रहा है कि क्या वही तकनीकी खामी इस दुर्घटना की वजह बनी?
इस पूरे मामले की अंतिम रिपोर्ट आना अभी बाकी है। लेकिन शुरुआती जांच से साफ है कि यह हादसा सिर्फ एक तकनीकी खराबी नहीं बल्कि कई संभावित लापरवाहियों और चूक का नतीजा हो सकता है। अब सबकी नजर AAIB की अंतिम रिपोर्ट पर टिकी है, जो इस हादसे की पूरी सच्चाई सामने लाएगी।
