पंजाब में कारोबारियों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। पंजाब के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा और हरदीप सिंह मुंडियां ने पंजाब भवन में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार की नई नीतियों की जानकारी दी। मंत्री संजीव अरोड़ा ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राज्य में औद्योगिक क्रांति लाने का जो वादा किया था, उसमें से अब तक दो अहम मुद्दों का समाधान कर दिया गया है।
लीज़होल्ड से फ्रीहोल्ड में तब्दील होंगे प्लॉट
सरकार ने औद्योगिक क्षेत्र में स्थित लीजहोल्ड प्लॉट्स को फ्रीहोल्ड में बदलने की योजना लागू कर दी है। इसका उद्देश्य वर्षों से लंबित मांगों को पूरा करना और व्यापारियों को राहत देना है। इस नई नीति के तहत, अब कारोबारी अपने प्लॉट को सिर्फ 10 लाख रुपये देकर लीजहोल्ड से फ्रीहोल्ड में बदलवा सकते हैं, जबकि पहले इसके लिए बड़ी रकम खर्च करनी पड़ती थी।
उदाहरण के तौर पर मंत्री अरोड़ा ने बताया कि अगर किसी का लुधियाना के फोकल प्वाइंट पर 500 गज का प्लॉट है, तो पहले उसे फ्रीहोल्ड में तब्दील करवाने के लिए बहुत ज्यादा फीस देनी पड़ती थी। लेकिन अब उसे केवल 10 लाख रुपये में यह सुविधा मिल जाएगी। सरकार ने इस नीति में 50% की छूट भी दी है, जिससे कारोबारियों को आर्थिक राहत मिलेगी।
केवल 5% कलेक्टर रेट से ही होगी बिक्री
जिन लीजहोल्ड प्लॉट्स को पहले ही बेचा जा चुका है, उन पर भी अब सिर्फ 5% कलेक्टर रेट ही लागू होगा। इससे व्यापारियों को बड़ी राहत मिलेगी और पुराने समय से लंबित कई कानूनी विवाद भी खत्म हो सकते हैं। यह नीति खास तौर पर उन कारोबारियों के लिए राहत लेकर आई है जो वर्षों से अपने प्लॉट्स के फ्रीहोल्ड में तब्दीली का इंतजार कर रहे थे।
नई पॉलिसी से होगी व्यवस्था में पारदर्शिता
मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने एक समिति गठित की थी, जिसने फ्रीहोल्ड पॉलिसी पर सुझाव दिए थे। इसके अनुसार अब औद्योगिक प्लॉट्स की मूल कीमत पर 12.5% ट्रांसफर फीस लगाई जाएगी। सरकार का मकसद है कि इस नई नीति से औद्योगिक प्लॉट्स के प्रबंधन को सुव्यवस्थित किया जाए और बेवजह के कानूनी विवादों से कारोबारियों को बचाया जा सके।
कानूनी विवाद होंगे कम
नई नीति से औद्योगिक प्लॉट्स को लेकर अदालतों में चल रहे केसों की संख्या में कमी आने की उम्मीद है। यह पॉलिसी न केवल कारोबारियों को आर्थिक रूप से लाभ पहुंचाएगी, बल्कि उन्हें कानूनी परेशानियों से भी राहत दिलाएगी।
पंजाब सरकार की यह पहल कारोबारियों के लिए एक बड़ा तोहफा साबित हो सकती है। लीजहोल्ड से फ्रीहोल्ड में बदलाव की यह नीति राज्य में औद्योगिक विकास को तेज करेगी और निवेश को बढ़ावा देगी। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में सरकार ने व्यापारियों के हित में जो कदम उठाया है, वह निश्चित रूप से पंजाब की आर्थिक प्रगति में मील का पत्थर साबित हो सकता है।
