भारत और इंग्लैंड के बीच लॉर्ड्स में खेला गया तीसरा टेस्ट मुकाबला बेहद रोमांचक रहा, लेकिन आखिर में भारत को 22 रन से हार का सामना करना पड़ा। मैच में 193 रन का लक्ष्य मिला था, लेकिन भारत ने जब चौथे दिन का खेल खत्म किया था तब उसका स्कोर 58 पर 4 विकेट था। कप्तान शुभमन गिल को उम्मीद थी कि एक अच्छी साझेदारी टीम को जीत दिला सकती है, लेकिन वैसा हो नहीं सका।
गिल को टीम के जुझारूपन पर गर्व
मैच के बाद गिल ने कहा, “हमें अपने प्रदर्शन पर गर्व है। टेस्ट क्रिकेट इससे ज़्यादा रोमांचक नहीं हो सकता। हमें भरोसा था कि हम जीत सकते हैं। अगर टॉप ऑर्डर में एक साझेदारी बन जाती तो नतीजा अलग होता।” उन्होंने कहा कि जडेजा जैसे अनुभवी खिलाड़ी पर भरोसा था कि वह निचले क्रम के साथ खेल को आगे ले जाएंगे।
जडेजा की शानदार लड़ाई, लेकिन जीत नहीं दिला सके
जब भारत का स्कोर 82 पर 7 विकेट हो गया था, तब लग रहा था कि टीम हार जाएगी। लेकिन रविंद्र जडेजा ने मोर्चा संभाला और नाबाद 61 रन बनाए। उन्होंने निचले क्रम के साथ लंबी साझेदारियां कीं – नितीश कुमार रेड्डी के साथ 30 रन, जसप्रीत बुमराह के साथ 35 रन और मोहम्मद सिराज के साथ 23 रन की साझेदारी कर टीम को जीत की उम्मीद दिलाई, लेकिन अंत में टीम को हार झेलनी पड़ी।
पंत का रनआउट टर्निंग पॉइंट
गिल ने माना कि पहली पारी में ऋषभ पंत का रनआउट होना अहम मोड़ था। पंत शानदार बल्लेबाजी कर रहे थे और 74 रन बना चुके थे। लेकिन एक गलत कॉल पर इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने सटीक थ्रो मारकर उन्हें रन आउट कर दिया। स्टोक्स ने भी इसे मैच का अहम पल बताया।
बुमराह की उपलब्धता पर नहीं दी जानकारी
जब उनसे पूछा गया कि क्या अगले टेस्ट में बुमराह खेलेंगे, तो गिल ने कहा, “इस पर जल्द ही जानकारी मिलेगी।” यानी टीम अभी अपनी रणनीति जाहिर नहीं करना चाहती।
स्टोक्स ने जताई राहत, जोफ्रा की तारीफ
मैच के बाद इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स ने कहा कि वो अब चार दिन बिस्तर पर लेटकर आराम करना चाहते हैं। उन्होंने माना कि भारत से मुकाबला बेहद कड़ा रहा। उन्होंने जोफ्रा आर्चर की जमकर तारीफ की, जिन्होंने चार साल बाद टेस्ट में वापसी करते हुए तीन अहम विकेट लिए।
स्टोक्स ने कहा, “जोफ ने आज से छह साल पहले लॉर्ड्स में वर्ल्ड कप फाइनल में सुपर ओवर फेंका था और आज फिर उसने मैच का रुख पलट दिया।”
बशीर के आखिरी विकेट से खत्म हुआ मैच
बशीर ने अंतिम विकेट लेकर इंग्लैंड को जीत दिलाई। स्टोक्स ने बशीर को “सच्चा योद्धा” बताया और कहा कि यह अंत मानो किस्मत से लिखा गया था।
इस हार के बावजूद भारतीय टीम का जुझारूपन और रविंद्र जडेजा की जुझारू पारी काबिल-ए-तारीफ रही। कप्तान गिल को भरोसा है कि अगला मैच उनकी टीम के पक्ष में जाएगा। वहीं इंग्लैंड ने एक बार फिर साबित किया कि उनके पास बड़े मौकों पर मैच पलटने वाले खिलाड़ी हैं।
