पंजाब विधानसभा में बेअदबी के खिलाफ पेश किए गए बिल पर चर्चा के दौरान विधायक डॉ. नछत्तर पाल ने कई अहम बातें रखीं। उन्होंने कहा कि अगर राज्य में पहले ही ऐसे सख्त कानून बना दिए गए होते, तो बरगाड़ी और कोटकपूरा जैसे दर्दनाक घटनाएं नहीं होतीं।
डॉ. नछत्तर पाल ने कहा कि ऑपरेशन ब्लू स्टार के समय भी श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का अपमान हुआ था। उन्होंने बताया कि उस समय श्री दरबार साहिब में गोलियां चलीं, खून बहा और धार्मिक भावनाओं को गहरी चोट पहुंची, लेकिन अफसोस की बात यह रही कि इसके बाद भी उसी पार्टी की सरकार पंजाब में बनी, जिसने इन घटनाओं को अंजाम दिया।
विधायक ने आगे कहा कि आज भी विदेशों में बैठे कुछ लोग भारत और उसके नायकों का अपमान कर रहे हैं। उन्होंने विशेष तौर पर गुरपतवंत पन्नू का जिक्र किया, जो डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्तियों को लेकर धमकियां दे रहा है। डॉ. नछत्तर पाल ने जोर देकर कहा कि डॉ. अंबेडकर और शहीद भगत सिंह जैसे महापुरुष हमारे देश के असली नायक हैं, जिनकी बदौलत आज हम आज़ादी की हवा में सांस ले रहे हैं।
उन्होंने मांग की कि कानून में यह भी शामिल होना चाहिए कि अगर कोई हमारे महापुरुषों और नायकों का अपमान करता है, तो उसे भी बेअदबी के तहत सजा दी जाए।
डॉ. नछत्तर पाल का यह बयान विधानसभा में गूंज उठा और कई विधायकों ने उनकी बात का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि धार्मिक ग्रंथों के साथ-साथ, हमारे इतिहास के महानायकों का सम्मान भी उतना ही जरूरी है, और उनके अपमान को किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाना चाहिए।
यह चर्चा उस वक्त हो रही है जब राज्य में बेअदबी के मामलों पर फिर से बहस तेज हो गई है और सरकार सख्त कानून बनाने की दिशा में काम कर रही है।
