मुंबई में उस समय हड़कंप मच गया जब बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकी मिली। इस ईमेल में लिखा गया कि BSE की टावर बिल्डिंग में RDX और IED जैसे खतरनाक विस्फोटक लगाए गए हैं, जो दोपहर 3 बजे फट सकते हैं। इस मेल में दावा किया गया कि वहां चार IED बम रखे गए हैं।
ईमेल “कॉमरेड पिनाराई विजयन” नाम की आईडी से भेजा गया है, जो काफी संदिग्ध मानी जा रही है। जैसे ही यह धमकी भरा संदेश मिला, BSE प्रशासन ने तुरंत मुंबई पुलिस को जानकारी दी।
मौके पर पहुंचे बम निरोधक दस्ता
धमकी की सूचना मिलते ही मुंबई पुलिस हरकत में आई। बम स्क्वॉड, डॉग स्क्वॉड, और बम निरोधक दल तुरंत BSE की बिल्डिंग पर पहुंच गए। पूरी इमारत की बारीकी से जांच की गई, लेकिन कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
फिलहाल, पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट कर दिया गया है और यह भी देखा जा रहा है कि धमकी देने वाला व्यक्ति कौन है और उसका मकसद क्या था।
अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ केस दर्ज
इस मामले में माता रमाबाई अंबेडकर मार्ग पुलिस स्टेशन में अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने BNS (भारतीय न्याय संहिता) की धारा 351(1)(B), 353(2), 351(3), और 351(4) के तहत केस दर्ज किया है।
दिल्ली में भी मिली थी बम की धमकी
दिल्ली में भी इसी दिन सेंट थॉमस स्कूल और सेंट स्टीफंस कॉलेज को बम की धमकी मिली थी। इन संस्थानों को तुरंत खाली करवाया गया और दिल्ली पुलिस, डॉग स्क्वॉड और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं। वहां भी जांच में कुछ संदिग्ध नहीं मिला।
शेयर बाजार पर नहीं पड़ा असर
BSE को धमकी मिलने के बावजूद शेयर बाजार में कोई खास असर नहीं देखा गया। सुबह 10:45 बजे BSE का शेयर 0.21% की मामूली गिरावट के साथ 2,455.50 रुपये पर कारोबार कर रहा था। इससे यह साफ है कि निवेशकों में घबराहट की स्थिति नहीं बनी।
बीते दिनों की चर्चा
हाल ही में BSE उस वक्त चर्चा में आया था जब अमेरिकी ट्रेडिंग फर्म जेन स्ट्रीट ने SEBI से उस पर लगे कुछ प्रतिबंध हटाने की मांग की थी। वहीं, जेफरीज ने एक रिपोर्ट में कहा कि वित्त वर्ष 2026 तक BSE के डेरिवेटिव कारोबार का 58% हिस्सा खतरे में पड़ सकता है।
फिलहाल धमकी झूठी साबित हुई है, लेकिन इससे मुंबई में सुरक्षा को लेकर फिर चिंता बढ़ गई है। पुलिस अब उस ईमेल की जांच में जुटी है, ताकि जल्द से जल्द आरोपी का पता लगाया जा सके और उसे सख्त सज़ा दी जा सके।
