सोशल मीडिया पर मौलिकता को बढ़ावा देने के लिए फेसबुक (Meta) ने एक बड़ा कदम उठाया है। यूट्यूब के बाद अब फेसबुक ने भी ऐसा सख्त नियम लागू कर दिया है, जिससे दूसरों का कंटेंट चुराकर पोस्ट करने वालों की मनमानी पर रोक लगेगी। नए नियमों के अनुसार, जो अकाउंट्स या पेज बार-बार किसी अन्य क्रिएटर की फोटो, वीडियो या टेक्स्ट पोस्ट को बिना अनुमति के री-पोस्ट करेंगे, उनकी रीच घटा दी जाएगी और मॉनेटाइजेशन (कमाई) को निलंबित कर दिया जाएगा।
Meta द्वारा जारी की गई एक ब्लॉग पोस्ट में कहा गया है कि अब समय आ गया है जब सोशल मीडिया पर असली, मौलिक और रचनात्मक कंटेंट को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने साफ कहा कि यूज़र्स को अपनी खुद की क्रिएटिविटी, आवाज़ और कला को आगे लाना चाहिए — न कि दूसरों के कंटेंट को बिना अनुमति के इस्तेमाल करके नाम कमाना चाहिए।
किस पर होगी कार्रवाई?
-
जो पेज या अकाउंट बार-बार दूसरों के वीडियो, फोटो या टेक्स्ट को कॉपी करके पोस्ट करेंगे।
-
जिनके कंटेंट में अक्सर ओरिजिनलिटी की कमी होगी।
-
जो मॉनेटाइजेशन पॉलिसी का दुरुपयोग करते पाए जाएंगे।
फेसबुक ने बताया कि 2025 की पहली छमाही में अब तक:
-
5 लाख से अधिक स्पैमी और फर्जी अकाउंट्स पर कार्रवाई की गई है।
-
लगभग 1 करोड़ फेक प्रोफाइल को प्लेटफ़ॉर्म से हटा दिया गया है।
-
जिन अकाउंट्स की गतिविधियों में कॉपी-पेस्ट ज्यादा पाया गया, उनकी पोस्ट रीच घटा दी गई और कमाई बंद कर दी गई।
आने वाले बदलाव:
फेसबुक अब एक नया फीचर भी टेस्टिंग मोड में चला रहा है, जिसमें अगर कोई वीडियो डुप्लिकेट पाया गया, तो उस पर एक लिंक जोड़ा जाएगा जो यूजर को ओरिजिनल कंटेंट तक ले जाएगा। इससे न केवल यूजर को असली जानकारी मिलेगी, बल्कि असली क्रिएटर को मान्यता और व्यूज भी मिलेंगे।
इसका असर क्या होगा?
इस कदम से उन क्रिएटर्स को बड़ा फ़ायदा होगा जो मेहनत से मौलिक कंटेंट बनाते हैं। वहीं, जो लोग अब तक दूसरों के वीडियो या पोस्ट को रीपोस्ट कर के कमाई कर रहे थे, उनके लिए यह नियम बड़ी चेतावनी है।
कुल मिलाकर, फेसबुक का यह फैसला डिजिटल दुनिया में मौलिकता को बढ़ावा देने की दिशा में एक अहम और स्वागतयोग्य क़दम है।
