पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक बार फिर साफ किया है कि राज्य में नशा फैलाने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि नशे का जहर फैलाने वाले बड़े-बड़े तथाकथित ‘जनरल’ अब जेल की सलाखों के पीछे पहुंच चुके हैं।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को अहमदगढ़ और अमरगढ़ में नए तहसील परिसर का उद्घाटन करने के बाद एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि पंजाब में नशे का कारोबार उन लोगों की सरपरस्ती में पनपा, जिन्हें जनता ने अपनी सेवा के लिए चुना था। लेकिन बदकिस्मती से वे अपने सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल नशा पहुंचाने में करते रहे।
भगवंत मान ने कहा कि पहले के नेताओं के पास सत्ता में रहते हुए पूरी ताकत थी, लेकिन उनकी नशा तस्करों से मिलीभगत के कारण कोई उन्हें छूने की हिम्मत नहीं करता था। उन्होंने दो टूक कहा कि उनकी सरकार ने ऐसे नेताओं को जेल में डाल दिया है क्योंकि इन्होंने पंजाब की जवानी को बर्बाद किया।
मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे सरकार का साथ दें ताकि नशे के खिलाफ यह लड़ाई और मजबूत हो सके। उन्होंने कहा कि “युद्ध नशों के विरुद्ध” मुहिम की सफलता इस बात का सबूत है कि पंजाब की जनता भी इस लड़ाई में सरकार के साथ है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि यह अभियान भविष्य में और तेज़ किया जाएगा ताकि पंजाब को पूरी तरह नशामुक्त बनाया जा सके।
सभा को संबोधित करते हुए भगवंत मान ने शिरोमणि अकाली दल के बड़े नेताओं पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि बादल और मजीठिया परिवार में सत्ता को लेकर भारी कलह है। वहीं, कांग्रेस और अकाली दल आपसी झगड़ों में उलझे हुए हैं। उन्होंने कहा कि ये सभी नेता सिर्फ सत्ता के लिए लड़ते हैं और जनता की भलाई इनके लिए कोई मायने नहीं रखती।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार आने वाले समय में कई जनहित के फैसले लेगी, जिससे सभी वर्गों को लाभ होगा। उन्होंने यह भी कहा कि अब समय आ गया है कि पंजाब का युवा नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बने।
भगवंत मान ने अपने संबोधन में साफ किया कि एक नए, प्रगतिशील और खुशहाल पंजाब के निर्माण के लिए युवाओं की सक्रिय भागीदारी ज़रूरी है। सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी है, ताकि पंजाब को एक बेहतर और नशा मुक्त राज्य बनाया जा सके।
