अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति और रिपब्लिकन पार्टी के नेता डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर वैश्विक गठबंधन BRICS को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। शुक्रवार, 19 जुलाई 2025 को दिए एक बयान में ट्रंप ने कहा कि अगर BRICS सच में एक मज़बूत संगठन के रूप में उभरता है, तो वे इसे “बहुत जल्दी खत्म कर देंगे।”
ट्रंप ने यह भी कहा कि कोई भी देश या समूह अमेरिका के खिलाफ जाकर काम नहीं कर सकता। उनका बयान उस समय आया है जब BRICS का प्रभाव वैश्विक स्तर पर तेज़ी से बढ़ रहा है और इसमें कई नए देश भी जुड़ चुके हैं।
क्या कहा ट्रंप ने?
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने बयान में कहा,
“अगर BRICS नाम का यह समूह असल में कुछ बन गया, तो मैं इसे बहुत जल्दी खत्म कर दूंगा। हम किसी को अमेरिका से खेल नहीं खेलने देंगे।”
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि वे BRICS से जुड़े देशों पर 10% आयात शुल्क लगाएंगे। यह शुल्क उन देशों पर लागू होगा जो, उनके अनुसार, अमेरिका-विरोधी नीति अपना रहे हैं।
ट्रंप ने यह बयान उस नई टैरिफ नीति के तहत दिया है जिसकी घोषणा उन्होंने जुलाई की शुरुआत में की थी। इस नीति के तहत अमेरिका को “आर्थिक रूप से पहले” रखने की योजना है।
डॉलर को लेकर ट्रंप का रुख
ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि वे अमेरिकी डॉलर की वैश्विक स्थिति को किसी भी हाल में कमजोर नहीं होने देंगे। उन्होंने केंद्रीय डिजिटल करेंसी (CBDC) के विचार का कड़ा विरोध किया और कहा,
“मैं कभी डिजिटल डॉलर को स्वीकार नहीं करूंगा। यह अमेरिका की स्वतंत्र वित्तीय पहचान को खत्म कर देगा।”
ट्रंप के अनुसार, CBDC से सरकार को आम नागरिकों की हर वित्तीय गतिविधि पर निगरानी का अधिकार मिल जाएगा, जो लोकतंत्र के लिए खतरा है।
BRICS ने क्या जवाब दिया?
ट्रंप के आरोपों के बाद BRICS समूह ने भी अपना पक्ष रखा। BRICS के प्रवक्ताओं ने ट्रंप के बयान को “राजनीतिक डर फैलाने वाला” कहा और यह साफ किया कि BRICS का उद्देश्य अमेरिका का विरोध नहीं बल्कि विकासशील देशों को साझा मंच देना है।
समूह ने यह भी बताया कि BRICS अब सिर्फ ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका तक सीमित नहीं है। ईरान, इंडोनेशिया, मिस्र और कई अन्य देश भी अब इसका हिस्सा बन चुके हैं।
पिछले साल ब्राजील में हुई BRICS शिखर बैठक में अमेरिकी व्यापार और सैन्य नीति पर अप्रत्यक्ष रूप से आलोचना भी की गई थी।
ट्रंप का ब्राजील पर विशेष हमला
ट्रंप ने अपने बयान में विशेष रूप से ब्राजील को निशाना बनाया है। उन्होंने घोषणा की है कि अमेरिका ब्राजील से आने वाले आयात पर 50% का अतिरिक्त शुल्क लगाएगा। यह नियम अगस्त 2025 से लागू होगा।
साथ ही अमेरिका ने ब्राजील के व्यापार मॉडल की औपचारिक जांच भी शुरू कर दी है। ट्रंप का आरोप है कि ब्राजील की व्यापार नीति अमेरिकी उद्योग के खिलाफ काम कर रही है और इसे “अनुचित” कहा गया है।
डोनाल्ड ट्रंप के इस बयान ने एक बार फिर वैश्विक राजनीति में हलचल मचा दी है। जहां एक ओर BRICS जैसे संगठन विकासशील देशों के लिए नया मंच बन रहे हैं, वहीं अमेरिका जैसे बड़े देश इसे चुनौती के रूप में देख रहे हैं।
