प्रसिद्ध पंजाबी गायक बीर सिंह ने हाल ही में श्रीनगर में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान हुई एक अनजाने में हुई गलती के लिए सिख संगत से खुलकर माफी मांगी है। यह कार्यक्रम श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की 350वीं शहीदी शताब्दी को समर्पित था, जहां भावनात्मक वातावरण में उन्होंने गलती से पंजाबी गीत गा दिए, जिससे कुछ श्रद्धालुओं में नाराज़गी देखी गई।
ऑस्ट्रेलिया से सीधे पहुंचे, नेटवर्क ने किया धोखा
बीर सिंह ने सफाई देते हुए बताया कि वे सीधे ऑस्ट्रेलिया से श्रीनगर पहुंचे थे, और वहां पहुंचते ही फोन नेटवर्क और अन्य सेवाएं बाधित हो गईं, जिससे उन्हें कार्यक्रम के धार्मिक स्वरूप की जानकारी समय रहते नहीं मिल सकी। उनका कहना था कि अगर पूरी जानकारी होती तो वह मंच पर मर्यादा में रहते हुए ही प्रस्तुति देते।
मैनेजमेंट टीम की गलती से हुआ भ्रम
गायक ने इस पूरे घटनाक्रम की जिम्मेदारी अपनी मैनेजमेंट टीम पर डालते हुए कहा कि उन्होंने उन्हें कार्यक्रम की वास्तविक प्रकृति और उद्देश्य की जानकारी नहीं दी। उन्होंने बताया कि उन्होंने पहले भी इसी संस्था के साथ कुछ व्यावसायिक सांस्कृतिक कार्यक्रम किए थे और उन्हें लगा कि यह कार्यक्रम भी उसी प्रकार का है।
बैनर नहीं देखा, मंच पर ध्यान दर्शकों पर था
बीर सिंह ने कहा कि वे जैसे ही मंच पर पहुंचे, उनका पूरा ध्यान दर्शकों और प्रस्तुति पर केंद्रित था। उन्होंने स्वीकार किया, “मुझे मंच के पीछे लगे बैनर पर नजर डालनी चाहिए थी। यह मेरी गलती थी कि मैंने पहले से पूरी जानकारी नहीं ली।”
गलती का एहसास होते ही मांगी माफी
जैसे ही उन्हें इस कार्यक्रम के धार्मिक महत्व का एहसास हुआ, उन्होंने तुरंत प्रस्तुति रोकी, जूते उतारे, और मंच पर ही “सलोक महल्ला 9” का पाठ किया। इसके बाद उन्होंने हाथ जोड़कर संगत से क्षमा याचना की, जो उपस्थित श्रद्धालुओं ने सराहना के साथ स्वीकार की।
मैनेजमेंट टीम को किया बर्खास्त
बीर सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने अपनी मैनेजमेंट टीम को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है और भविष्य में उनके साथ किसी भी कार्यक्रम में सहयोग नहीं करेंगे। उन्होंने कहा, “मैं अब हर धार्मिक कार्यक्रम से पहले संपूर्ण जानकारी प्राप्त करूंगा और पूरी श्रद्धा के साथ सेवा करूंगा।”
अकाल तख्त और संगत से की विनम्र प्रार्थना
उन्होंने अकाल तख्त साहिब, जत्थेदार साहिब और संपूर्ण सिख समुदाय से विनम्रता से क्षमा मांगते हुए कहा, “मैं एक नम्र सिख हूं, और गुरु साहिब की मर्यादा में रहना मेरा कर्तव्य है। संगत जो सेवा उचित समझे, मैं उसे निभाने को तैयार हूं।”
भविष्य में रखेंगे अधिक सतर्कता
बीर सिंह ने कहा कि वे आगे से हर कार्यक्रम में पूरी जागरूकता और श्रद्धा से हिस्सा लेंगे ताकि ऐसी कोई त्रुटि भविष्य में दोबारा ना हो। सोशल मीडिया पर भी उनके माफ़ी मांगने के रवैये को कई लोगों ने ईमानदारी भरा और सराहनीय बताया।
