भारत और इंग्लैंड के बीच खेला गया चौथा टेस्ट मुकाबला एक रोमांचक ड्रा पर खत्म हुआ। इंग्लैंड ने पहली पारी में मजबूत पकड़ बनाई, लेकिन भारत ने धैर्य और जुझारूपन दिखाते हुए मुकाबला बचा लिया। इस मैच ने यह साबित कर दिया कि टेस्ट क्रिकेट में सिर्फ रन और विकेट नहीं, बल्कि समय और संयम भी उतने ही अहम होते हैं।
इंग्लैंड की मजबूत शुरुआत
मैच की पहली पारी में इंग्लैंड ने बेहतरीन बल्लेबाज़ी करते हुए 669 रन बनाए। कप्तान बेन स्टोक्स ने शानदार शतक जड़ा और ऑलराउंड प्रदर्शन करते हुए गेंद से भी कमाल दिखाया। भारत पहली पारी में पिछड़ गया और इंग्लैंड को 311 रनों की बढ़त मिल गई।
दूसरी पारी में भारत संकट में
दूसरी पारी की शुरुआत भारत के लिए निराशाजनक रही। शुरुआती दो विकेट बिना रन के गिर गए। उस वक्त लगने लगा था कि इंग्लैंड जल्द ही मुकाबला जीत लेगा। लेकिन कप्तान शुभमन गिल ने मोर्चा संभाला। उन्होंने धैर्य से खेलते हुए शानदार शतक (103 रन) जड़ा और टीम को संकट से बाहर निकाला।
जडेजा और सुंदर की दीवार
जब लग रहा था कि इंग्लैंड फिर से वापसी करेगा, तभी मैदान पर आए रविंद्र जडेजा और वॉशिंगटन सुंदर। दोनों ने न सिर्फ विकेट बचाए, बल्कि गेंदबाज़ों की थकान बढ़ाते हुए लंबे समय तक क्रीज़ पर टिके रहे। दोनों खिलाड़ियों ने नाबाद शतक लगाए और 200 से अधिक रनों की साझेदारी कर भारत को सुरक्षित स्थिति में पहुंचाया।
भारत ने मैच के पांचवें दिन 425/4 पर पारी घोषित की और इंग्लैंड के जीतने की सारी उम्मीदों को तोड़ दिया।
ड्रा का दिलचस्प मोड़
चौथे दिन के अंत में इंग्लैंड के कप्तान स्टोक्स ने भारत को ड्रॉ के लिए हाथ मिलाने का संकेत दिया था, लेकिन जडेजा और सुंदर अपने शतक पूरे करने में लगे रहे। इस फैसले पर इंग्लैंड के कुछ खिलाड़ियों ने नाराज़गी जताई, लेकिन क्रिकेट प्रेमियों ने इसे एक टेस्ट शतक की मेहनत और सम्मान के तौर पर देखा।
क्या कहता है स्कोरबोर्ड?
- इंग्लैंड पहली पारी: 669 रन
- भारत पहली पारी: 358 रन
- भारत दूसरी पारी: 425/4 (डिक्लेयर)
- नतीजा: मैच ड्रॉ
इस ड्रा के बाद सीरीज़ में इंग्लैंड अब भी 2-1 से आगे है। अब निर्णायक मुकाबला लंदन के ओवल मैदान में खेला जाएगा। भारत के पास मौका है कि वह आखिरी टेस्ट जीतकर सीरीज़ बराबरी पर खत्म करे।
भारत ने इस मुकाबले में दिखा दिया कि टेस्ट क्रिकेट में धैर्य, संकल्प और टीम वर्क कितना मायने रखता है। शुभमन गिल की कप्तानी, जडेजा और सुंदर की साझेदारी और गेंदबाज़ों का संयम – सबने मिलकर एक हार को ड्रॉ में बदल दिया।
अगला मुकाबला अब “करो या मरो” जैसा होगा – जहां भारत सम्मान बचाएगा और इंग्लैंड जीत की तलाश में उतरेगा।
