पंजाब सरकार ने देश के महान स्वतंत्रता सेनानी शहीद ऊधम सिंह के सम्मान में एक ऐतिहासिक निर्णय लेते हुए 31 जुलाई को राजपत्रित अवकाश घोषित किया है। यह घोषणा आम आदमी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और पंजाब सरकार में कैबिनेट मंत्री श्री अमन अरोड़ा ने मंगलवार को पंजाब भवन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान की। उन्होंने कहा कि यह कदम शहीद ऊधम सिंह के बलिदान को उचित श्रद्धांजलि देने और कम्बोज समुदाय की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
सड़क का नामकरण ‘शहीद ऊधम सिंह मार्ग’ के रूप में
प्रेस वार्ता के दौरान अमन अरोड़ा ने बताया कि राज्य सरकार ने भवानीगढ़-सुनाम-भिखी-कोटशमीर सड़क का नाम अब “शहीद ऊधम सिंह मार्ग” रखने का निर्णय लिया है। इस अवसर पर सुनाम ऊधम सिंह वाला में राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन किया जाएगा। 31 जुलाई को इस समारोह में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक श्री अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान भाग लेंगे और इस मार्ग का औपचारिक नामकरण करेंगे।
ऊधम सिंह की शहादत को मिला सरकारी सम्मान
अमन अरोड़ा ने कहा कि लंदन में जलियांवाला बाग नरसंहार का बदला लेकर इतिहास रचने वाले क्रांतिकारी ऊधम सिंह को सरकार द्वारा यह सम्मान देना उनके बलिदान को अमर बनाने की दिशा में एक सशक्त पहल है। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इन दोनों नेताओं ने शहीद की विरासत को संभालने और युवाओं के बीच उनके विचारों को जीवित रखने में अहम भूमिका निभाई है।
केंद्र सरकार से सड़क नामकरण की अपील
कैबिनेट मंत्री ने इस अवसर पर केंद्र सरकार से अपील करते हुए कहा कि पटियाला-भवानीगढ़ सड़क का नाम भी शहीद ऊधम सिंह के नाम पर रखा जाए। उन्होंने बताया कि इस संबंध में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा है, ताकि शहीद के प्रति राज्य की श्रद्धा और सम्मान को देशभर में दर्शाया जा सके।
सामुदायिक समर्थन और आभार
इस ऐतिहासिक निर्णय के लिए जलालाबाद से विधायक जगदीप कम्बोज गोल्डी और पंजाब पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष डॉ. मलकीयत सिंह थिंद ने भी मुख्यमंत्री और पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस निर्णय से न केवल कम्बोज समुदाय को सम्मान मिला है, बल्कि समस्त पंजाब को गर्व की अनुभूति हुई है। उन्होंने अमन अरोड़ा के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके लगातार प्रयासों के कारण ही यह निर्णय साकार हो सका।
पंजाब सरकार का यह निर्णय न केवल एक क्रांतिकारी की स्मृति को सम्मानित करता है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी देशभक्ति और बलिदान की प्रेरणा देता है। शहीद ऊधम सिंह का नाम अब इतिहास के पन्नों से निकलकर राज्य की सड़कों और जन-मन में और गहराई से बस जाएगा।
