संसद में चल रही चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने “ऑपरेशन सिंदूर” को लेकर बड़ा बयान देते हुए बताया कि भारत ने पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देने के लिए एक सटीक और सशक्त सैन्य कार्रवाई की। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई 9 मई की रात और 10 मई की सुबह के दौरान की गई, जिसमें पाकिस्तान की सैन्य ताकत को भारी नुकसान पहुंचाया गया।
अमेरिका से मिली थी चेतावनी, भारत ने दिया स्पष्ट जवाब
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि अमेरिका के उपराष्ट्रपति ने उन्हें फ़ोन पर सूचना दी थी कि पाकिस्तान एक बड़ा हमला करने की योजना बना रहा है। इस पर प्रधानमंत्री मोदी का जवाब था, “अगर पाकिस्तान ने ऐसा कुछ करने की हिम्मत की, तो उसे इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।” उन्होंने आगे कहा कि भारत ने स्पष्ट कर दिया था कि “गोलियों का जवाब गोलियों से दिया जाएगा।”
सटीक सैन्य रणनीति और पाकिस्तान पर जबरदस्त प्रहार
पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने 9 मई की आधी रात को सैन्य कार्रवाई शुरू की और 10 मई की सुबह तक पाकिस्तान के विभिन्न कोनों पर मिसाइल हमले किए गए। उन्होंने दावा किया कि इस हमले ने पाकिस्तान को झुकरने पर मजबूर कर दिया। भारत की यह कार्रवाई न केवल जवाबी थी, बल्कि यह संदेश भी था कि भारत किसी भी चुनौती का डटकर मुकाबला करने को तैयार है।
पाकिस्तान ने खुद मांगी थी कार्रवाई रोकने की गुहार
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब पाकिस्तान को करारा जवाब मिला, तो उसने भारत के डायरेक्टर जनरल मिलिट्री ऑपरेशंस (DGMO) से संपर्क कर निवेदन किया कि अब हमला बंद कर दिया जाए, क्योंकि वे और झेलने की स्थिति में नहीं हैं। उन्होंने बताया कि भारत ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि उसका लक्ष्य पूरा हो चुका है और यदि पाकिस्तान कोई और हरकत करता है तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
भारत की नीति रही है स्पष्ट और ठोस
पीएम मोदी ने कहा कि भारत की सैन्य नीति हमेशा स्पष्ट रही है और यह पूरी तरह से सेना के परामर्श के साथ बनाई जाती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत ने हमले का लक्ष्य दुश्मनों के संचालक केंद्रों को बनाया था, जिससे दुश्मन की रीढ़ की हड्डी तोड़ दी गई।
झूठे प्रचार को लेकर जताई चिंता
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि जब भारत की सेना ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम दे रही थी, तब कुछ लोग देश के भीतर ही ऐसे थे जो पाकिस्तान के झूठे प्रचार को हवा दे रहे थे। उन्होंने कहा कि कुछ तत्वों ने सेना द्वारा दिए गए तथ्य नजरअंदाज कर विदेशी दुष्प्रचार को तवज्जो दी, जबकि भारत की स्थिति हमेशा पारदर्शी और स्पष्ट रही है।
देश की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है भारत
प्रधानमंत्री मोदी के बयान से स्पष्ट है कि भारत अपनी सीमाओं की रक्षा के लिए न सिर्फ रणनीतिक दृष्टि से तैयार है, बल्कि आवश्यक होने पर सख्त कार्रवाई करने में भी पीछे नहीं हटता। ऑपरेशन सिंदूर एक उदाहरण है कि भारत अब पहले की तरह चुप नहीं बैठता, बल्कि जवाब उसी भाषा में देता है।
