पंजाब सरकार ने डेयरी फार्मिंग को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान राज्य भर में 22.26 लाख कृत्रिम गर्भाधान (Artificial Insemination – AI) कर पशुपालन क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह जानकारी बुधवार को किसान भवन में आयोजित सेमिनार में पशुपालन, डेयरी विकास एवं मत्स्य पालन मंत्री श्री गुरमीत सिंह खुड्डियाँ ने दी।
गुणवत्तापूर्ण नस्लों को बढ़ावा देने के लिए 18.50 लाख सीमेन स्ट्रॉ का उत्पादन
मंत्री श्री खुड्डियाँ ने बताया कि इस उपलब्धि के साथ-साथ विभाग द्वारा कुल 18.50 लाख सीमेन स्ट्रॉ का उत्पादन किया गया है, जिसमें 6.47 लाख गायों और 12.03 लाख भैंसों के लिए हैं। इससे पशुओं की नस्ल सुधारने और दूध उत्पादन बढ़ाने में सहायता मिलेगी।
सेक्स्ड सीमेन से पैदा होंगे उच्च गुणवत्ता के मादा बछड़े
उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा 3.75 लाख फ्रोजन सेक्स्ड सीमेन डोज़ खरीदे गए हैं, जिनका उद्देश्य उच्च गुणवत्ता वाले मादा बछड़ों का उत्पादन करना है। इससे न केवल आवारा पशुओं की संख्या में कमी आएगी, बल्कि किसानों पर नर बछड़ों के पालन-पोषण का आर्थिक बोझ भी घटेगा।
गुणवत्ता सुधार के लिए 3.38 लाख उच्च गुणवत्ता वाले सीमेन डोज़ की खरीद
पशुपालन विभाग ने गायों के लिए 3.38 लाख बेहतर गुणवत्ता वाले सीमेन डोज़ भी खरीदे हैं, जिससे उच्च नस्ल की गायों की संख्या बढ़ेगी और दूध उत्पादन में सुधार होगा। मंत्री ने विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि कृत्रिम गर्भाधान के माध्यम से पशुओं की उत्पादकता बढ़ाई जाए और किसानों की आय में इज़ाफा किया जाए।
पशुओं के लिए समय पर टीकाकरण और चिकित्सकीय सेवाएं सुनिश्चित करें
कार्यक्रम में प्रधान सचिव श्री राहुल भंडारी ने भी विभाग के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि विभागीय फील्ड स्टाफ को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पशुपालकों को पशु चिकित्सा सेवाएं समय पर मिलें ताकि किसी भी पशु को समय रहते इलाज मिल सके। उन्होंने कहा कि सेमिनार में लुधियाना स्थित गुरु अंगद देव पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों और विभागीय अधिकारियों ने मिलकर पशुपालन क्षेत्र में नवाचार और समाधान पर चर्चा की।
किसानों की आय बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है पंजाब सरकार
मंत्री श्री गुरमीत सिंह खुड्डियाँ ने दोहराया कि मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार पशुपालकों को सशक्त बनाने, पशुओं की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और नस्ल सुधार के माध्यम से किसानों की आय में वृद्धि हेतु प्रतिबद्ध है।
