पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) ने एक अहम निर्णय लेते हुए 10वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों की उत्तर पुस्तिकाओं की सिर्फ रीचेकिंग नहीं, बल्कि रिमार्किंग (पुनर्मूल्यांकन) करने का फैसला लिया है। इससे पहले तक केवल अंकों की दोबारा गिनती की जाती थी, लेकिन अब उत्तरों की गुणात्मक जांच भी की जाएगी, जिससे छात्रों को उनके प्रयासों के अनुरूप सही अंक मिल सकें।
बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में लिया गया निर्णय
यह फैसला बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में लिया गया, जिसमें 8वीं, 10वीं और 12वीं की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच प्रक्रिया पर विशेष चर्चा की गई। बैठक के बाद यह तय किया गया कि 8वीं कक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं की केवल रीचेकिंग होगी, जबकि 10वीं और 12वीं की उत्तर पुस्तिकाओं में रीचेकिंग के साथ रिमार्किंग भी की जाएगी।
पहले भी शुरू हुआ था रिमार्किंग का सिलसिला
गौरतलब है कि बोर्ड ने पिछले वर्षों में भी उत्तर पुस्तिकाओं की रिमार्किंग प्रक्रिया शुरू की थी, लेकिन कुछ तकनीकी खामियों और शिकायतों के कारण उस समय इसे स्थगित कर दिया गया था। अब एक बार फिर बोर्ड ने छात्रों की मांग और पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए इसे लागू करने का निर्णय लिया है।
छात्रों को मिलेगा न्यायसंगत मूल्यांकन
इस फैसले से उन छात्रों को राहत मिलेगी जो अपने अंकों को लेकर असंतुष्ट थे। रिमार्किंग से उत्तरों की गहराई से जांच की जाएगी, जिससे छात्र योग्यता के अनुसार सही अंक प्राप्त कर सकेंगे। यह प्रक्रिया छात्रों के लिए न्यायसंगत और पारदर्शी मूल्यांकन प्रणाली की दिशा में एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है।
छात्रों के हित में बड़ा सुधार
PSEB का यह फैसला छात्रों के भविष्य को सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इससे बोर्ड की विश्वसनीयता बढ़ेगी और छात्रों को मूल्यांकन प्रक्रिया पर अधिक विश्वास होगा। आने वाले समय में यह कदम अन्य शिक्षा बोर्डों के लिए भी एक उदाहरण बन सकता है।
