भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की तीन दिवसीय बैठक के बाद बुधवार को गवर्नर संजय मल्होत्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि इस बार भी रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह वर्तमान में 5.50% पर स्थिर बनी हुई है। इससे आम लोगों की होम लोन और पर्सनल लोन की EMI में कोई बदलाव नहीं होगा।
आर्थिक गतिविधियों को मिल रहा समर्थन
गवर्नर मल्होत्रा ने कहा कि बेहतर मानसून, घटती महंगाई और वित्तीय स्थिरता के चलते घरेलू आर्थिक गतिविधियों को मजबूती मिल रही है। सरकार के पूंजीगत व्यय, मौद्रिक और राजकोषीय नीतियों की मदद से मांग में और तेजी आने की संभावना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि निर्माण और व्यापार जैसे क्षेत्रों में सुधार से सेवा क्षेत्र को भी गति मिलेगी।
GDP ग्रोथ अनुमान 6.5% पर बरकरार
संजय मल्होत्रा ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए GDP ग्रोथ अनुमान 6.5% पर बरकरार रखा गया है। यह अनुमान तिमाही आधार पर इस प्रकार है:
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Q1: 6.5%
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Q2: 6.7%
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Q3: 6.6%
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Q4: 6.3%
वहीं, FY27 की पहली तिमाही में GDP ग्रोथ 6.6% रहने की संभावना जताई गई है। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि अनुमान के अनुरूप वृद्धि हो रही है, लेकिन यह देश की आकांक्षाओं से थोड़ी कम है।
ग्रामीण और शहरी खपत में दिखा अंतर
RBI गवर्नर ने यह भी बताया कि हाल के महीनों में ग्रामीण उपभोग स्थिर बना हुआ है, जबकि शहरी उपभोग में सुधार देखा गया है। हालांकि, विवेकाधीन खर्च यानी गैर-जरूरी खर्च में धीमापन अभी भी बना हुआ है। जीएसटी कलेक्शन, बिजली खपत और निर्यात जैसे कुछ संकेतकों में मिले-जुले परिणाम सामने आए हैं।
वैश्विक अनिश्चितताओं से बना है जोखिम
गवर्नर ने बताया कि भूराजनीतिक तनाव और वैश्विक बाजारों की अस्थिरता अभी भी भारत की आर्थिक ग्रोथ के लिए चुनौती बनी हुई है। इन सभी जोखिमों को ध्यान में रखते हुए ग्रोथ का आकलन संतुलित नजर आ रहा है।
महंगाई दर में राहत, CPI 2.1% पर
मुद्रास्फीति को लेकर RBI ने राहत भरी खबर दी है। जून में खुदरा महंगाई (CPI) घटकर 2.1% पर पहुंच गई, जो पिछले 77 महीनों में सबसे कम है। इसका मुख्य कारण खाद्य पदार्थों की कीमतों में भारी गिरावट है। इसके साथ ही, RBI ने 2025-26 के लिए महंगाई अनुमान को 3.7% से घटाकर 3.1% कर दिया है।
