पंजाब के खाद्य एवं सिविल सप्लाई मंत्री लाल चंद कटारूचक ने आज सरहिंद में कई गैस एजेंसियों और गोदामों पर अचानक निरीक्षण कर भ्रष्टाचार और उपभोक्ता शोषण के खिलाफ कड़ा संदेश दिया। निरीक्षण के दौरान कई जगहों पर वजन तराजू में गड़बड़ी पाई गई, जिस पर मंत्री ने सख्त नाराज़गी जाहिर की और इसे गैस उपभोक्ताओं के साथ धोखा करार दिया।
मुख्यमंत्री के आदेशों के अनुसार बर्दाश्त नहीं होगा शोषण
मंत्री कटारूचक ने स्पष्ट कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में चल रही सरकार ने सभी विभागों को निर्देश दिए हैं कि उपभोक्ताओं के हितों के साथ कोई समझौता नहीं होगा। गैस एजेंसी मालिक या कर्मचारी अगर किसी तरह का आर्थिक शोषण करते हैं, तो उनके खिलाफ कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
नियमों की अनदेखी पर होगी सख्त कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान सामने आया कि कई गैस एजेंसियां वजन जांच नियमों का पालन नहीं कर रहीं। मंत्री ने इसे गंभीर मामला मानते हुए डी.एफ.एस.सी अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसी एजेंसियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई शुरू की जाए। उन्होंने कहा कि विभागीय कार्रवाई में किसी भी तरह की ढिलाई या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उपभोक्ताओं से अपील: गैस सिलेंडर का वजन जरूर जांचें
कैबिनेट मंत्री ने गैस उपभोक्ताओं से अपील की कि गैस सिलेंडर की डिलीवरी के समय उसका वजन जरूर चेक कराएं। उन्होंने कहा कि गैस की सप्लाई करने वाले वाहनों में तराजू रखना अनिवार्य है, लेकिन बहुत सी जगहों पर यह नियम नजरअंदाज किया जा रहा है। साथ ही, कुछ जगहों पर जो तराजू इस्तेमाल हो रहे हैं वे सरकारी मान्यता प्राप्त नहीं हैं, जो कि नियमों का सीधा उल्लंघन है।
मौके पर सिलेंडर का वजन चेक, उपभोक्ताओं से मिली प्रतिक्रिया
निरीक्षण के दौरान मंत्री ने मौके पर ही गैस सिलेंडरों का वजन जांचा और उपभोक्ताओं से भी फीडबैक लिया कि एजेंसियों का व्यवहार और सेवा कैसी है। कई उपभोक्ताओं ने एजेंसियों द्वारा की जा रही अनियमितताओं की पुष्टि की।
अधिकारी भी रहे मौजूद
इस औचक निरीक्षण के दौरान मंत्री के साथ कंट्रोलर मुख्यालय मनोहर सिंह और डी.एफ.एस.सी मीनाक्षी भी मौजूद रहीं। मंत्री के इस कदम से साफ है कि पंजाब सरकार गैस उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई जा रही है।
