पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में आज हुई मंत्रिमंडल की बैठक में राज्यहित से जुड़े कई बड़े निर्णय लिए गए। मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रवक्ता ने बताया कि इस बैठक में सहकारी समितियां अधिनियम में संशोधन, ग्रामीण विकास के लिए नए पदों का सृजन, फसल खरीद के लिए मंत्रियों के समूह का गठन और लैंड पूलिंग नीति 2025 को वापस लेने जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर मंजूरी दी गई।
सहकारी समितियां अधिनियम, 1961 में संशोधन को मंजूरी
बैठक में पंजाब सहकारी समितियां अधिनियम, 1961 में संशोधन को हरी झंडी दी गई। पहले कुछ श्रेणियों की सहकारी समितियों को स्टांप शुल्क और पंजीकरण शुल्क में छूट दी गई थी, जिससे शहरी हाउसिंग सोसायटियों में बिना औपचारिक पंजीकरण के संपत्ति लेन-देन का रास्ता खुल गया था। इससे गैर-पंजीकृत कब्जों, बेनामी सौदों और कानूनी विवादों की संभावना बढ़ गई थी। अब धारा 37 में संशोधन के तहत सरकार को अधिकार होगा कि वह विशेष परिस्थितियों में ही अधिसूचना के माध्यम से छूट दे, और ऐसी संपत्तियों का पंजीकरण अनिवार्य किया जाएगा।
‘पंचायत विकास सचिव’ के पद का सृजन
ग्रामीण विकास को तेज और प्रभावी बनाने के लिए मंत्रिमंडल ने पंचायत सचिव और ग्राम सेवक (ग्राम विकास अधिकारी) के कैडर को मिलाकर ‘पंचायत विकास सचिव’ का पद सृजित करने का निर्णय लिया। इसके तहत पूरे पंजाब में एक राज्य स्तरीय कैडर बनाया जाएगा। मौजूदा पंचायत सचिवों के लिए ‘डाइंग कैडर’ रहेगा, जिनकी वरिष्ठता सूची में स्थान ग्राम सेवकों के बाद होगा।
फसल खरीद के लिए मंत्रियों का समूह
आगामी सावनी और रबी फसल खरीद सीजन की सुचारू व्यवस्था के लिए मंत्रिमंडल ने मंत्रियों के समूह के गठन को कार्योत्तर मंजूरी दी। इस समूह का नेतृत्व कृषि मंत्री करेंगे, जबकि खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री, परिवहन मंत्री और जल संसाधन मंत्री सदस्य के रूप में शामिल रहेंगे।
वेतन आयोग रिपोर्ट पर मंत्रिमंडल सब-कमेटी
छठे पंजाब वेतन आयोग की रिपोर्ट के भाग दो और तीन पर विचार करने के लिए पहले गठित मंत्रिमंडल सब-कमेटी को भी कार्योत्तर मंजूरी दे दी गई। यह सब-कमेटी अधिकारियों की सिफारिशों के आधार पर आगे का निर्णय लेगी।
लैंड पूलिंग नीति 2025 वापस
मंत्रिमंडल ने 4 जून 2025 को जारी लैंड पूलिंग नीति 2025 और उससे जुड़े संशोधनों को वापस लेने का निर्णय भी लिया। यह नीति किसानों के विरोध के चलते लगातार विवाद में थी, और सरकार ने किसानों की मांग को ध्यान में रखते हुए इसे रद्द करने का फैसला किया।
