मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों पर संगठित अपराधों के खिलाफ चलाई जा रही मुहिम में पंजाब पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स (AGTF) ने पटियाला-अंबाला हाईवे के पास गांव शंभू के नजदीक लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दो वांछित सदस्यों को गिरफ्तार किया। पुलिस टीमों ने उनके कब्जे से ऑस्ट्रिया निर्मित 9 मिमी ग्लॉक पिस्टल और छह जिंदा कारतूस बरामद किए।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान और नेटवर्क
डीजीपी पंजाब गौरव यादव ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अक्षय डेलू और अंकित बिश्नोई उर्फ कक्कड़, दोनों निवासी गांव खैरपुर, अबोहर, फाजिल्का के रूप में हुई है। ये आरोपी अपने विदेशी हैंडलरों अनमोल बिश्नोई और आरज़ू बिश्नोई के इशारों पर काम कर रहे थे।
हत्या के बाद नेपाल भागे, फिर लौटे पंजाब
प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ कि दोनों आरोपी हत्या करने के बाद नेपाल भाग गए थे। वहां से वे अपने विदेशी हैंडलरों के निर्देश पर पंजाब लौटे ताकि एक बड़े अपराध को अंजाम दे सकें। डीजीपी ने बताया कि इनके खिलाफ पंजाब, दिल्ली, राजस्थान और गुजरात में हत्या, हत्या के प्रयास, जबरन वसूली, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट से जुड़े 15 से अधिक गंभीर मामले दर्ज हैं।
हालिया हत्या के मामले में भी वांछित
दोनों आरोपी 2 मई 2025 को फाजिल्का में भारत रतन उर्फ विक्की की हत्या के मामले में भी वांछित थे। पुलिस इस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की गहन जांच कर रही है।
खुफिया सूचना पर तड़के हुई कार्रवाई
एडीजीपी AGTF प्रमोद बान ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि दोनों आरोपी राज्य में प्रवेश करने वाले हैं। इस पर विशेष टीमें गठित की गईं, जिन्होंने अंबाला-पटियाला हाईवे पर आरोपियों को ट्रैक किया और सुबह तड़के गांव शंभू के पास दबोच लिया।
अपराध के बाद नेपाल भागना इनका पैटर्न
डीआईजी AGTF गुरमीत चौहान के मुताबिक, यह गिरोह अपराध के बाद नेपाल भाग जाता था और वहां अपने साथियों या विदेशी हैंडलरों द्वारा उपलब्ध कराए गए ठिकानों में छिपता था।
FIR दर्ज, आगे की जांच जारी
इस मामले में FIR नंबर 6, दिनांक 14/8/25 को एसएएस नगर के थाना पंजाब स्टेट क्राइम में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 111(3)(5) और आर्म्स एक्ट की धारा 25(6)(7) के तहत दर्ज की गई है। पुलिस अब इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों और विदेशी हैंडलरों की भूमिका की जांच कर रही है।
