भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेतृत्व वाले एनडीए ने उपराष्ट्रपति पद के लिए अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है। पार्टी ने इस पद के लिए महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को मैदान में उतारा है। वहीं दूसरी तरफ विपक्षी गठबंधन इंडिया ब्लॉक ने अभी तक अपने उम्मीदवार का नाम तय नहीं किया है। हालांकि विपक्ष आज अपनी बैठक के बाद नाम की आधिकारिक घोषणा कर सकता है।
विपक्ष की बैठक आज
सूत्रों के मुताबिक, विपक्षी दलों की एक अहम बैठक कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर दोपहर 12:30 बजे बुलाई गई है। इस बैठक में इंडिया ब्लॉक के सभी बड़े नेता शामिल होंगे। चर्चा के बाद ही यह तय किया जाएगा कि विपक्ष किस नाम पर सहमति बनाता है। माना जा रहा है कि विपक्ष एक साझा उम्मीदवार को मैदान में उतारेगा ताकि यह मुकाबला सीधा एनडीए और इंडिया ब्लॉक के बीच हो सके।
किन नामों पर हो रही चर्चा
बैठक से पहले कई नामों पर चर्चा तेज है। इनमें इसरो के पूर्व वैज्ञानिक मैलस्वामी अन्नादुरई का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है। अन्नादुरई ने चंद्रयान-1 मिशन का नेतृत्व किया था और वैज्ञानिक के तौर पर उनकी पहचान बेहद सम्मानजनक है। विपक्ष चाहता है कि इस चुनाव को लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की लड़ाई के रूप में पेश किया जाए और इसके लिए किसी ऐसे चेहरे को उतारा जाए, जिसे देश का सम्मान प्राप्त हो।
इसके अलावा तमिलनाडु से डीएमके सांसद तिरुचि सिवा का नाम भी चर्चा में है। वे राज्यसभा में लंबे समय से सक्रिय हैं और विपक्षी राजनीति में उनका अनुभव बड़ा माना जाता है।
साथ ही महात्मा गांधी के परपोते और इतिहासकार तुषार गांधी का नाम भी विपक्ष की शुरुआती सूची में शामिल है। विपक्ष मानता है कि तुषार गांधी को उम्मीदवार बनाकर इस चुनाव को वैचारिक संघर्ष का रूप दिया जा सकता है। वहीं, महाराष्ट्र से किसी दलित बुद्धिजीवी के नाम पर भी विचार हो रहा है, ताकि सामाजिक संतुलन को साधा जा सके।
राधाकृष्णन ने पीएम मोदी से की मुलाकात
एनडीए के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णन सोमवार को दिल्ली पहुंचे। एयरपोर्ट पर उनका जोरदार स्वागत किया गया, जहां बीजेपी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी मौजूद रहीं। इसके बाद राधाकृष्णन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और उपराष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी को लेकर अपनी चर्चा की।
मुकाबला दिलचस्प होगा
ऐसे में यह तय हो गया है कि आगामी उपराष्ट्रपति चुनाव बेहद रोचक होने वाला है। एक तरफ एनडीए अपने मजबूत संगठन और बहुमत पर भरोसा कर रहा है, वहीं विपक्ष इस चुनाव को जनता के बीच विचारधारा बनाम सत्ता की लड़ाई के रूप में पेश करने की कोशिश करेगा। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि विपक्ष आखिरकार किस नाम पर अपनी मुहर लगाता है।
