पिछले 24 घंटों से हो रही लगातार भारी बारिश ने हिमाचल प्रदेश और आसपास के इलाकों में लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बारिश का सीधा असर पोंग डैम पर पड़ा है, जहाँ जलस्तर करीब 2 फुट बढ़ गया है। इससे ब्यास नदी के किनारे बसे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है।
भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड के अधिकारियों ने बताया कि लगातार बारिश के कारण ब्यास नदी में पानी का बहाव तेज हो गया है। यही वजह है कि पोंग डैम का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। फिलहाल डैम का स्तर 1382.72 फुट तक पहुँच गया है, जो खतरे के निशान से केवल 7 फुट नीचे है।
जलस्तर नियंत्रित रखने के लिए बीते दिन डैम से पानी छोड़ा गया। जानकारी के अनुसार, पोंग डैम से 17,502 टरबाइन और 42,379 स्पिलवे गेट के ज़रिये कुल 59,881 क्यूसेक पानी शाह नहर बैराज में छोड़ा गया। वहीं, शाह नहर बैराज से 48,160 क्यूसेक पानी ब्यास नदी में और 11,500 क्यूसेक पानी मुकेरियां हाइडल नहर में छोड़ा जा रहा है।
बारिश के कारण डैम में पानी की आमद भी बहुत तेज़ हो गई है। सोमवार शाम 7 बजे तक पोंग डैम झील में 88,238 क्यूसेक पानी दर्ज किया गया था। यह स्थिति चिंता का विषय है, क्योंकि डैम का स्तर खतरे की सीमा को लगातार छू रहा है।
इस बढ़ते खतरे को देखते हुए प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। जिला होशियारपुर की उपायुक्त आशीका जैन ने बताया कि राहत और बचाव दलों को तैयार रहने के आदेश दे दिए गए हैं। किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए हेल्पलाइन नंबर 104 भी जारी किया गया है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल प्रशासनिक सूचनाओं पर भरोसा करें।
एसडीएम मुकेरियां अंकुर महिंदरू ने बताया कि हालात पर नज़र रखने के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। इन टीमों को लगातार रिपोर्ट देने और बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए सख्त निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने आगे बताया कि एहतियात के तौर पर ब्यास नदी के किनारे बसे सभी गांवों में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर बारिश का सिलसिला इसी तरह जारी रहा और डैम के और गेट खोलने पड़े तो हिमाचल से सटे पंजाब के जिलों—होशियारपुर, गुरदासपुर और कांगड़ा के निचले इलाकों में बाढ़ की संभावना बढ़ जाएगी। ऐसे में स्थानीय निवासियों को प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और सतर्क रहने की ज़रूरत है।
