भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को लगातार पाँचवें दिन सकारात्मक रुख दिखाया। दिनभर उतार-चढ़ाव के बाद BSE सेंसेक्स 213 अंक की बढ़त के साथ 81,857.84 पर बंद हुआ, वहीं NSE का निफ्टी 69.90 अंक ऊपर चढ़कर 25,050.55 के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया। यह पहली बार है जब निफ्टी ने 25,000 का आंकड़ा पार किया है।
आईटी शेयरों ने दिखाई सबसे मजबूत चमक
आज के कारोबार में आईटी सेक्टर के शेयरों ने बाजार की रफ्तार बढ़ाने में अहम योगदान दिया।
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इंफोसिस के शेयर करीब 4% चढ़े।
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टीसीएस (TCS) में लगभग 3% की मजबूती देखने को मिली।
इसके अलावा एचसीएल टेक, विप्रो और टेक महिंद्रा जैसे शेयरों में भी अच्छा उछाल रहा। निवेशकों का कहना है कि आईटी कंपनियों की मजबूत आय और नए कॉन्ट्रैक्ट्स मिलने की उम्मीद से सेक्टर में तेजी बनी हुई है।
एफएमसीजी और रियल्टी सेक्टर ने भी पकड़ी रफ्तार
आईटी के अलावा एफएमसीजी और रियल्टी सेक्टर में भी अच्छी खरीदारी देखी गई। रियल्टी इंडेक्स में लगभग 2% की बढ़त दर्ज की गई। वहीं, एफएमसीजी शेयरों में हिंदुस्तान यूनिलीवर और नेस्ले इंडिया सबसे आगे रहे। विश्लेषकों का मानना है कि त्योहारों के सीजन से पहले इन सेक्टरों में मांग बढ़ने की संभावना है।
विदेशी संकेतों से भी मिला सहारा
शेयर बाजार की इस मजबूती के पीछे वैश्विक संकेत भी अहम रहे। अमेरिका में महंगाई के आँकड़े उम्मीद से बेहतर रहे और निवेशकों की नजर अब फेडरल रिजर्व के जैकसन होल सम्मेलन पर टिकी है। बाजार को उम्मीद है कि वहाँ से ब्याज दरों पर राहत से जुड़े सकारात्मक संकेत मिल सकते हैं। इसके अलावा, एशियाई और यूरोपीय बाजारों में भी स्थिरता से भारतीय निवेशकों का भरोसा बढ़ा।
कुछ सेक्टरों में रही गिरावट
जहाँ आईटी, रियल्टी और एफएमसीजी शेयरों ने बाजार को संभाला, वहीं फार्मा, मीडिया और प्राइवेट बैंकिंग सेक्टर में दबाव रहा। इन सेक्टरों के कई बड़े शेयर लाल निशान पर बंद हुए। हालांकि, बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि निफ्टी के 25,000 के स्तर को पार करना भारतीय शेयर बाजार के लिए ऐतिहासिक संकेत है और आने वाले दिनों में निवेशकों का भरोसा और मजबूत हो सकता है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
विश्लेषकों का मानना है कि निफ्टी का 25,000 के ऊपर बंद होना यह दर्शाता है कि भारतीय शेयर बाजार में लंबी अवधि के निवेश के अच्छे अवसर मौजूद हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी चेतावनी दी है कि इतनी तेज रफ्तार के बाद अल्पकालिक मुनाफावसूली देखने को मिल सकती है। इसलिए निवेशकों को सोच-समझकर ही कदम बढ़ाने की सलाह दी जा रही है।
भारतीय शेयर बाजार के लिए यह दिन ऐतिहासिक रहा क्योंकि निफ्टी ने पहली बार 25,000 का आंकड़ा छुआ। आईटी और रियल्टी सेक्टर ने बाजार को मजबूती दी, जबकि कुछ सेक्टरों में कमजोरी देखने को मिली। अब सबकी नजरें आने वाले दिनों में वैश्विक घटनाक्रम और फेडरल रिजर्व के फैसलों पर टिकी होंगी।
