मंगलवार दोपहर बाद अचानक हुई करीब एक घंटे की तेज बारिश ने शहर की निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। जगह-जगह सड़कों पर पानी भर गया, वाहन बंद पड़ गए और ट्रैफिक जाम से लोग घंटों परेशान रहे।
PGI अस्पताल में पानी घुसा, मरीजों को उठानी पड़ी दिक्कत
बारिश का सबसे गंभीर असर पीजीआई के नेहरू अस्पताल में देखने को मिला। अस्पताल परिसर और वार्डों में पानी भर जाने से मरीजों और उनके परिजनों को भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। अस्पताल प्रशासन को पानी निकालने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
सरकारी दफ्तरों और पार्किंग में बाढ़ जैसे हालात
तेज बरसात के कारण पंजाब-हरियाणा सचिवालय की पार्किंग में भी पानी ओवरफ्लो हो गया। वहीं पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट की पार्किंग में खड़ी कई गाड़ियां पानी में डूब गईं। सेक्टर-11 और 15 के बीच का अंडरपास पूरी तरह जलमग्न हो गया।
सड़कें बनी तालाब, ट्रैफिक पुलिस बेबस
शहर के उत्तरी हिस्से की सड़कों, लाइट प्वाइंट और चौकों पर 2 से 3 फीट तक पानी भर गया। मध्य मार्ग और झील की ओर जाने वाली सड़कें पानी में डूब गईं। ट्रैफिक सिग्नल बंद होने पर पुलिसकर्मी जाम खोलने में जुटे रहे, लेकिन दो घंटे तक लंबी कतारें लगी रहीं। जहां 10 मिनट का सफर होता था, वहां आधे घंटे से ज्यादा लग गया।
चौकों और अंडरपास में जाम, लोग भटकते रहे
सुखना चौक के नाले से पानी का तेज बहाव होने लगा। पुलिस ने सुरक्षा कारणों से मनीमाजरा पुल को दोनों ओर से बंद कर दिया। सेक्टर-17 और 18 की सड़कों, फर्नीचर मार्केट चौक, मटका चौक से किसान भवन, और सेक्टर-43 जिला अदालत के बीच लंबा जाम लग गया।
अंडरपास और रेलवे पुल बने खतरा
विकास नगर में रेलवे पुल के नीचे और कई अंडरपासों में पानी भर जाने से पुलिस को दोनों ओर से यातायात रोकना पड़ा। इस वजह से ऑफिस से लौटते वक्त लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
एक घंटे की बारिश ने साफ कर दिया कि शहर की निकासी व्यवस्था कितनी कमजोर है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि अगर इतनी ही देर में हालात ऐसे हो गए, तो लगातार बारिश में क्या होगा।
