मजदूर कल्याण की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने मंडी लेबर रेट में 10 प्रतिशत वृद्धि को मंजूरी दे दी है। यह फैसला पंजाब मंडी बोर्ड की बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की बैठक में लिया गया, जिसकी अध्यक्षता बोर्ड चेयरमैन हरचंद सिंह बरस्ट ने की।
धान का लेबर रेट बढ़ाकर ₹19.26 प्रति बैग
गौरतलब है कि धान का मंडी लेबर रेट पहले ₹17.50 प्रति बैग (37.5 किलो) था, जिसे अब बढ़ाकर ₹19.26 प्रति बैग कर दिया गया है। यानी मजदूरों को प्रति बैग ₹1.76 की अतिरिक्त राशि मिलेगी। यह बढ़ोतरी मजदूर यूनियनों की लंबे समय से चली आ रही मांग को ध्यान में रखते हुए की गई है।
मजदूर कल्याण की प्रतिबद्धता का प्रतीक
चेयरमैन हरचंद सिंह बरस्ट ने कहा कि लेबर रेट में यह वृद्धि मुख्यमंत्री भगवंत मान सरकार की मजदूरों के कल्याण और उनके परिवारों की भलाई के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि नई दरें न केवल मजदूरों को राहत देंगी, बल्कि कृषि आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाने और निष्पक्ष श्रम प्रथाओं को प्रोत्साहित करने में भी मददगार साबित होंगी।
मंडी बोर्ड की आय बढ़ाने पर भी चर्चा
बैठक में पंजाब मंडी बोर्ड की आय बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। चेयरमैन ने बताया कि आय में वृद्धि के लिए कई योजनाएं बनाई जा रही हैं। इसके तहत अनाज मंडियों में खाली प्लॉटों की ई-निलामी की जा रही है। साथ ही, विभिन्न मंडियों में एटीएम और यूनिपोल बोर्ड लगाने की भी योजना है।
किसानों और मजदूरों को बेहतर सुविधाएं
हरचंद सिंह बरस्ट ने कहा कि पंजाब मंडी बोर्ड किसानों, आढ़तियों, मजदूरों और आम जनता को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विशेष प्रयास कर रहा है। मंडियों में विकास कार्य तेजी से किए जा रहे हैं और इस खरीफ खरीद सीजन में लोगों को सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान करने के लिए पुख्ता प्रबंध किए जा रहे हैं।
बैठक में वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण बैठक में सचिव पंजाब मंडी बोर्ड रामवीर, पंजाब किसान आयोग के चेयरमैन डॉ. सुखपाल सिंह, विशेष सचिव कृषि बलदीप कौर और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे।
पंजाब सरकार का यह फैसला मजदूरों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की दिशा में एक अहम कदम है। मंडी लेबर रेट में 10% की वृद्धि न केवल मजदूरों को राहत देगी, बल्कि राज्य की कृषि आपूर्ति प्रणाली को और मजबूत बनाएगी। इसके साथ ही मंडी बोर्ड द्वारा उठाए जा रहे कदम भविष्य में आर्थिक आत्मनिर्भरता और विकास की ओर भी रास्ता खोलेंगे।
